स्वतंत्र बोल
रायपुर 01 मई 2026: बेमेतरा में आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के सामूहिक विवाह समारोह में हुई अव्यवस्था का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान सामने आई व्यवस्थागत खामियों पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह की नाराजगी चर्चा का विषय बनी रही। अब मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पूरे मामले की जांच के आदेश देकर घटनाक्रम को गंभीरता से लेने के संकेत दिए हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोमवार को कहा कि बेमेतरा में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस आयोजन की विशेष बात यह रही कि क्षेत्र के विधायक दीपेश साहू का विवाह भी इसी कार्यक्रम में संपन्न हुआ, जिससे समाज को सकारात्मक संदेश देने का प्रयास किया गया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि विवाह समारोह के लिए सामान्य रूप से टेंट और पंडाल की व्यवस्था की गई थी, लेकिन अचानक मौसम बदलने से पूरा इंतजाम प्रभावित हो गया। तेज हवा और खराब मौसम के कारण टेंट-पंडाल अस्त-व्यस्त हो गए, जिससे आयोजन की व्यवस्थाओं पर असर पड़ा।
उन्होंने कहा कि स्थिति को संभालने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर पुराने विश्राम गृह का विकल्प मौजूद था। हालांकि बाद में सुझाव आया कि महेश्वरी समाज का भवन अधिक बड़ा और उपयुक्त रहेगा। मुख्यमंत्री के अनुसार इस संबंध में कलेक्टर ने उनसे चर्चा की थी, जिसके बाद उनकी सहमति से विश्राम गृह में आयोजन कराने का निर्णय लिया गया।
हालांकि कार्यक्रम में हुई अव्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों के बीच मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पूरे मामले की जांच के लिए कमिश्नर को निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि व्यवस्थाओं में चूक कहां हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
इधर, मुख्यमंत्री से सुरगुजा जिले के मैनपाट में विधायक और नायब तहसीलदार के बीच हुए विवाद तथा उसके बाद तहसीलदारों की हड़ताल को लेकर भी सवाल पूछा गया। इस पर उन्होंने कहा कि प्रशासन और तहसीलदारों के बीच लगातार चर्चा जारी है और जल्द ही इसका समाधान निकाल लिया जाएगा।
बेमेतरा के सामूहिक विवाह समारोह में हुई अव्यवस्था की जांच शुरू होने के बाद अब सभी की नजरें कमिश्नर की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो पूरे घटनाक्रम की परतें खोल सकती है।


