स्वतंत्र बोल
रायपुर 25 मई 2026:छत्तीसगढ़ की सियासत में एक बार फिर बयानबाजी का तूफान खड़ा हो गया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने ऐसा बयान दे दिया, जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव को सीधे-सीधे कांग्रेस छोड़ने की सलाह दे डाली।
रायपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान अजय चंद्राकर ने कहा कि कांग्रेस सरकार बनने के बाद से ही “बाबा साहब को अपमानित करने का मिशन” चला रही थी। उन्होंने कहा कि टीएस सिंहदेव जैसे सम्मानित और गौरवशाली परिवार से आने वाले नेता को अब फैसला लेना चाहिए कि उन्हें कांग्रेस में रहकर अपमान सहना है या फिर अपनी परंपरा और सम्मान के साथ आगे बढ़ना है।
दरअसल यह बयान पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के उस जवाब के बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि “मैं टीएस सिंहदेव के बयान पर प्रतिक्रिया नहीं देता।” इसी पर निशाना साधते हुए अजय चंद्राकर ने कहा कि अपमान की भी एक सीमा होती है और अब टीएस सिंहदेव को गंभीर फैसला लेना चाहिए।
भाजपा विधायक ने कहा, “बाबा साहब एक गौरवशाली वंश से आते हैं। अब उन्हें तय करना है कि कांग्रेस में अपमानित होते रहना है या राष्ट्र के विकास के साथ अपनी परंपराओं को आगे बढ़ाना है।”
इसी दौरान अजय चंद्राकर ने झीरम घाटी नक्सली हमले को लेकर भी बड़ा बयान दिया। हमले की 13वीं बरसी पर उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस दिन भूपेश बघेल अपनी जेब में रखे कथित सबूत सार्वजनिक करेंगे, उस दिन कई राज खुल जाएंगे।
उन्होंने दावा किया कि कवासी लखमा को सामने लाकर पूरे घटनाक्रम की सच्चाई बतानी चाहिए। साथ ही यह भी कहा कि नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने अस्पताल में कवासी लखमा से क्या बात की थी, यह भी सामने आना चाहिए।
अजय चंद्राकर ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी ने झीरम घाटी कांड को केवल सहानुभूति और राजनीतिक ऑक्सीजन के तौर पर इस्तेमाल किया है, जबकि भाजपा ने इस मामले में हर स्तर पर कार्रवाई की है।
इस बयान के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर टीएस सिंहदेव की भूमिका और कांग्रेस के भीतर उनकी स्थिति को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।


