व्हाट्सएप पर आया एक मैसेज और उड़ गए 20 लाख! कंपनी डायरेक्टर बनकर शातिर ने अकाउंटेंट को ऐसे फंसाया

स्वतंत्र बोल
दुर्ग , 24 मई 2026: दुर्ग में साइबर ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने कारोबारियों और कंपनियों की नींद उड़ा दी है। सिर्फ एक व्हाट्सएप मैसेज के भरोसे कंपनी के अकाउंटेंट ने 20 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए और जब दूसरी बार 48 लाख रुपये की मांग आई, तब जाकर पूरे खेल का खुलासा हुआ।

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मामला साईराम व्हील्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा है, जिसके दुर्ग, भिलाई, रायपुर और राजनांदगांव में शोरूम संचालित हैं। कंपनी के डायरेक्टर यश बत्रा ने सुपेला थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने अज्ञात मोबाइल नंबर और एचडीएफसी बैंक खाते के धारक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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बताया जा रहा है कि कंपनी के अकाउंटेंट मेष पटेल पिछले 13 वर्षों से कंपनी का पूरा वित्तीय काम संभाल रहे हैं। कंपनी के डायरेक्टरों और अकाउंटेंट के बीच भुगतान स्वीकृति के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बना हुआ है। इसी भरोसे का फायदा उठाकर शातिर ठग ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया।

21 मई को अकाउंटेंट मेष पटेल के मोबाइल पर एक व्हाट्सएप मैसेज आया। मैसेज भेजने वाले ने कंपनी डायरेक्टर यश बत्रा के पिता श्रीचंद बत्रा की फोटो और डीपी लगाई हुई थी। उस वक्त श्रीचंद बत्रा ऑस्ट्रेलिया में थे। मैसेज में एक एचडीएफसी बैंक खाते में तुरंत रकम ट्रांसफर करने के निर्देश दिए गए।

अकाउंटेंट ने इसे कंपनी डायरेक्टर परिवार का निर्देश मानते हुए पुष्टि की और कंपनी के एसबीआई करंट अकाउंट से 20 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। लेकिन अगले ही दिन उसी नंबर से फिर 48 लाख रुपये भेजने का मैसेज आया। इस बार अकाउंटेंट को शक हुआ और उसने यश बत्रा से चर्चा की।

जब यश बत्रा ने अपने पिता श्रीचंद बत्रा से फोन पर बात की तो पूरा मामला सामने आ गया। पता चला कि उन्होंने किसी भी रकम की मांग नहीं की थी और उनका नंबर भी इस्तेमाल नहीं हुआ था। इसके बाद ठगी का खुलासा हुआ।

पुलिस अब मोबाइल नंबर, बैंक अकाउंट और साइबर ट्रांजेक्शन की जांच में जुट गई है। शुरुआती जांच में यह एक सुनियोजित साइबर फ्रॉड माना जा रहा है, जिसमें कंपनी की अंदरूनी कार्यप्रणाली और भरोसे का फायदा उठाया गया।