BREAKING: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का बड़ा फैसला! अब घर से होगा काम, अचानक लागू हुआ वर्क फ्रॉम होम सिस्टम

स्वतंत्र बोल
बिलासपुर,20 मई 2026: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अचानक एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए वर्क फ्रॉम होम सिस्टम लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। हाईकोर्ट प्रशासन की ओर से जारी परिपत्र के बाद न्यायिक कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच हलचल तेज हो गई है। इस नए सिस्टम के तहत अब कई काम घर से भी किए जा सकेंगे, जबकि अदालत की सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी।

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जानकारी के मुताबिक यह नई व्यवस्था ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान लागू की जाएगी। हाईकोर्ट प्रशासन का कहना है कि इसका उद्देश्य सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग, ईंधन की बचत और न्यायिक कार्यों को बिना बाधा जारी रखना है।

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मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा के मार्गदर्शन में जारी परिपत्र के अनुसार अवकाश अवधि में मामलों की सुनवाई सामान्य रूप से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की जा सकेगी। इसके साथ ही हाईकोर्ट और जिला न्यायपालिका के कर्मचारियों को सप्ताह में अधिकतम दो दिन वर्क फ्रॉम होम की सुविधा देने का प्रस्ताव रखा गया है।

हालांकि इसके लिए एक अहम शर्त भी रखी गई है। आदेश के मुताबिक कार्यालय में कम से कम 50 प्रतिशत कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य होगी, ताकि कामकाज प्रभावित न हो।

परिपत्र में यह भी साफ किया गया है कि घर से काम करने वाले कर्मचारियों को फोन और अन्य आधिकारिक माध्यमों से हर समय उपलब्ध रहना होगा। यानी वर्क फ्रॉम होम के दौरान भी कर्मचारियों की जवाबदेही बनी रहेगी।

ईंधन बचत और सरकारी खर्च कम करने के उद्देश्य से हाईकोर्ट प्रशासन ने न्यायिक अधिकारियों, रजिस्ट्री अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच कार-पूलिंग व्यवस्था अपनाने का सुझाव भी दिया है। इतना ही नहीं, जरूरत पड़ने पर न्यायाधीशों को भी कार-पूलिंग के लिए प्रोत्साहित करने की बात कही गई है।

हाईकोर्ट प्रशासन ने कहा है कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए संबंधित रजिस्ट्री अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे।

इस फैसले को न्यायिक व्यवस्था में डिजिटल सिस्टम और संसाधन बचत की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।