स्वतंत्र बोल
रायपुर 13 मई 2026. राजधानी के माना बाल संप्रेषण गृह में 17 वर्षीय किशोर को बाल गृह के जिम्मेदार लोगो ने आम पेड़ पर चढ़ाया था, जाँच के नाम चल रही खानापूर्ति पूरी हो गई है और जिम्मेदारी किसी की तय नहीं हुई है। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बाल गृह के अधीक्षिका और परिवीक्षा अधिकारी से स्पष्टीकरण माँगा था दोनों ने अपना जवाब दाखिल कर दिया है। विभाग के जिम्मेदार अब भी यह मानने और बताने को तैयार नहीं है कि किशोर को आम पेड़ पर चढ़ाया गया था और उसके पैर में फ्रैक्चर हुआ है।
लापरवाही की हदे पार-
24-25 अप्रैल को संस्था में घटित हादसे की जानकारी जिला कार्यक्रम अधिकारी को पांच दिनों बाद दी गई। स्वतंत्र बोल में खबरे प्रकाशित की तो जिला कार्यक्रम अधिकारी ने संस्था की अधीक्षिका और परिवीक्षा अधिकारी को नोटिस जारी किया, इस दौरान बाल कल्याण समिति के सदस्य और किशोर न्यायालय की जज भी बच्चे से जानकारी लेने पहुंचे। बताया गया कि संस्था के जिम्मेदारों ने चोटिल किशोर पर अपना बयां बदलने दबाव बनाया और और अंतिम रिपोर्ट में आम तोड़ने की घटना बदलकर कबड्डी खेलने के दौरान चोट लगने की बनी। संस्था के जिम्मेदार नोटिस तक सीमित रहे और खानापूर्ति कर दबाने का प्रयास किया गया।
मूलतः धमतरी जिले का 17 वर्षीय कुछ महीनो से बाल संप्रेषण गृह में है, संस्था के लोगो के अनुसार 24-25 अप्रैल को संस्था के जिम्मेदार मनीष सोनी और रीता चौधरी ने उसे आम तोड़ने पेड़ पर चढ़ाया जहा से गिरकर उसका पैर फ्रैक्चर हुआ। महिला बाल विकास के जिम्मेदार अधिकारियो ने साडी घोटाले की तरह से इस गंभीर मामले को दबाने में एड़ीचोटी का जोर लगा दिया। नोटिस और जवाब के बाद भी ना तो किसी का सस्पेंशन हुआ ना ही बर्खास्तगी।
वर्षो से जमे जिम्मेदार-
बाल सम्प्रेषण गृह में वर्षो से लोग संविदा में जमे हुए है. इस दौरान संस्था से दर्जनों बाल अपचारी भागे, संस्था में चाकू लहराते विडिओ वायरल हुआ पर कार्यवाही के नाम पर लीपापोती होती रही। बताते है अधीक्षिका रीता चौधरी दो महीने पहले ही सूरजपुर जिले से ट्रांसफर होकर रायपुर पोस्टिंग हुई तो परिवीक्षा अधिकारी मनीष सोनी 09 वर्षो से संविदा पर पोस्टेड है। सोनी ने अपने जवाब में स्वतंत्र बोल द्वारा प्रकाशित खबरों को ही असत्य बताने की कोशिश की है। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने आधा दर्जन से कर्मियों का संविदा समाप्त किया तो परिवीक्षा अधिकारी पर मेहरबानी क्यों हो रही है।
कलेक्टर ने होम गार्ड की तैनाती के निर्देश-
राजधानी कलेक्टर गौरव सिंह ने जिला बाल सरंक्षण समिति की बैठक के बाद बाल सम्प्रेषण गृह में चार होमगार्ड के जवानो के तैनाती के निर्देशित किया है। इन नगरसैनिको की जवाबदेही सुरक्षा व्यवस्था की होगी। संस्था के भीतर चल रहे गड़बड़ी और लापरवाही को सुधारने जिम्मेदारी तय कर कार्यवाही जरुरी है। अपुष्ट खबरों के अनुसार इस घटना केलिए रीता चौधरी को सस्पेंड किया जा सकता है।
संप्रेषण गृह में बच्चे का पैर टूटा, अधीक्षिका व परिवीक्षा अधिकारी को नोटिस.. जिम्मेदारी किसकी ?



