मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में हजारों जोड़ों ने लिए सात फेरे, सूरजपुर से मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने दिया बड़ा संदेश

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रायपुर, 08 मई 2026: छत्तीसगढ़ में शुक्रवार का दिन हजारों परिवारों के लिए जिंदगी का सबसे यादगार पल बन गया। प्रदेशभर में आयोजित मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के सामूहिक विवाह समारोहों में 2300 से ज्यादा जोड़ों ने सात फेरे लेकर नए जीवन की शुरुआत की। कहीं शहनाइयों की गूंज सुनाई दी तो कहीं विदाई के दौरान अपनों की आंखें नम हो गईं।

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सूरजपुर जिले में आयोजित सबसे बड़े आयोजनों में से एक समारोह में 100 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे। वैदिक मंत्रोच्चार, सिंदूरदान, वरमाला और फेरों की रस्मों के बीच पूरा माहौल पारंपरिक रंग में रंगा नजर आया। बैंड-बाजों की धुन और पुष्प वर्षा के बीच नवदंपत्तियों ने जीवनभर साथ निभाने का संकल्प लिया।

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इस मौके पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने नवदंपत्तियों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि आत्मनिर्भर महिला ही मजबूत परिवार और समृद्ध समाज की असली नींव है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए सम्मान और सहारा दोनों बनकर सामने आई है।

राज्य स्तर पर मिले आंकड़ों के अनुसार, सिर्फ 8 मई को आयोजित कार्यक्रमों में 2188 जोड़े विवाह बंधन में बंधे, जबकि अन्य चरणों को मिलाकर यह संख्या बढ़कर 2393 तक पहुंच गई है। सरकार का दावा है कि योजना का उद्देश्य अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों तक सहायता पहुंचाना है।

मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि राज्य सरकार दो चरणों में सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित कर रही है ताकि ज्यादा से ज्यादा बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक कराया जा सके। उन्होंने नवदंपत्तियों से शासन की योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बनने की अपील भी की।

कार्यक्रम के दौरान वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री रामसेवक पैकरा ने लोगों को बाल विवाह मुक्त सूरजपुर बनाने की शपथ दिलाई। वहीं विधायक श्री भूलन सिंह मरावी ने कहा कि राज्य सरकार अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है।

समारोह में सबसे भावुक पल तब आया जब बेटियों की विदाई शुरू हुई। कई परिवारों की आंखें नम हो गईं, लेकिन चेहरों पर संतोष भी दिखाई दिया। लोगों ने कहा कि इस योजना ने आर्थिक बोझ कम कर बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक संपन्न कराने में बड़ी मदद की है।

योजना के तहत प्रत्येक नवविवाहित जोड़े को 35 हजार रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की जा रही है, ताकि वे अपने नए जीवन की शुरुआत मजबूती के साथ कर सकें।