स्वतंत्र बोल
पश्चिम बंगाल,26 अप्रैल 2026: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण की वोटिंग से ठीक पहले सियासी माहौल अचानक बेहद गर्म और तनावपूर्ण हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ताबड़तोड़ दौरे और आक्रामक बयानबाजी ने चुनावी लड़ाई को एक खतरनाक मोड़ पर ला खड़ा किया है, जहां हर बयान के पीछे बड़ा राजनीतिक संकेत छिपा नजर आ रहा है।
|
WhatsApp Group
|
Join Now |
|
Facebook Page
|
Follow Now |
|
Twitter
|
Follow Us |
|
Youtube Channel
|
Subscribe Now |
बनगांव में आयोजित रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने दावा किया कि पहले चरण की वोटिंग में ही तृणमूल कांग्रेस (TMC) का “घमंड टूट चुका है” और दूसरे चरण में भाजपा की जीत लगभग तय दिखाई दे रही है। उन्होंने तीखे शब्दों में हमला करते हुए कहा कि 15 साल पहले सत्ता में आई तृणमूल कांग्रेस अब अपने ही नारे “मां, माटी, मानुष” को भूल चुकी है।
प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि राज्य में हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि छोटे-छोटे नेता और गुंडे खुद को सरकार समझने लगे हैं। उन्होंने कहा कि कभी उद्योगों के लिए मशहूर हुगली और 24 परगना का इलाका अब वीरान होता जा रहा है, जहां फैक्ट्रियों पर ताले लटकने की खबरें आम हो गई हैं। उनके मुताबिक, “अब सिर्फ एक ही दुकान चल रही है—सिंडिकेट की कट-मनी और कमीशनखोरी की दुकान।”
इसी बीच रविवार को हावड़ा में उस वक्त हलचल मच गई जब भाजपा सांसद रवि किशन के रोड शो के दौरान टीएमसी समर्थक अचानक बीच में घुस आए। दोनों पक्षों के बीच बहस और तनाव की स्थिति बन गई, हालांकि रवि किशन ने खुद स्थिति संभालते हुए कार्यकर्ताओं से शांत रहने की अपील की।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में सीधे तौर पर ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके शासन में “मां, माटी और मानुष” का सम्मान नहीं बचा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य के लोग मजबूरी में पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं और कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद चिंताजनक हो चुकी है।
अब सबकी नजरें 29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण के मतदान पर टिकी हैं। सवाल ये है कि क्या पीएम मोदी के दावों के मुताबिक सच में सियासी समीकरण पलटने वाला है, या फिर यह सिर्फ चुनावी रणनीति का हिस्सा है। बंगाल की राजनीति इस समय जिस मोड़ पर खड़ी है, वहां हर दिन नई हलचल और नए संकेत सामने आ रहे हैं, जो आने वाले नतीजों को और भी ज्यादा रहस्यमयी बना रहे हैं।
