स्वतंत्र बोल
रायपुर,15 अप्रैल 2026: एक साधारण पारिवारिक विवाद ने ऐसा खौफनाक मोड़ लिया, जिसकी सच्चाई सामने आते ही हर कोई सन्न रह गया। रात में मोबाइल चलाने को लेकर शुरू हुई बहस आखिरकार हत्या में बदल गई और सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इस वारदात को अंजाम देने वाले कोई और नहीं, बल्कि खुद मृतक की पत्नी और बेटी निकलीं।
कमिश्नरेट पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए मृतक की पत्नी, पुत्री और एक नाबालिग को गिरफ्तार किया है।
कैसे खुला मामला?
29 सितंबर 2025 को थाना डीडीनगर क्षेत्र में रहने वाले वीरेन्द्र भारती गोस्वामी की मौत की सूचना मिली थी। शुरुआत में मामला सामान्य लग रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पूरी कहानी बदल दी। डॉक्टरों ने मृतक के शरीर पर 17 गंभीर चोटें पाईं, जिससे साफ हो गया कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि हत्या है।
पूछताछ में टूटा सच का सन्नाटा
पुलिस ने संदेह के आधार पर मृतक की पत्नी, बेटी और एक नाबालिग से पूछताछ की। शुरुआत में सभी ने चुप्पी साधे रखी, लेकिन जब सख्ती से पूछताछ हुई तो सच सामने आ गया।
आरोपियों ने बताया कि 27 सितंबर 2025 की रात करीब 11 बजे मोबाइल देखने को लेकर घर में विवाद हुआ। गुस्से में आकर उन्होंने लकड़ी के बैट और ईंट से मृतक के सिर पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
हत्या के बाद रची गई झूठी कहानी
घटना को छिपाने के लिए आरोपियों ने खून के निशान साफ किए और वारदात में इस्तेमाल किए गए कपड़े व हथियार पास के नाले में फेंक दिए। इसके बाद परिवार वालों को गुमराह करने के लिए यह कहानी बनाई गई कि वह बाथरूम में गिरकर बेहोश हो गया था।
पुलिस की कार्रवाई
मामले में थाना डीडीनगर में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि छोटी-सी बात से शुरू हुआ विवाद किस तरह अचानक इतना खतरनाक रूप ले सकता है, जहां एक ही घर के लोग एक-दूसरे के दुश्मन बन जाते हैं।


