स्वतंत्र बोल
रायपुर,03 अप्रैल 2026: महंगाई की मार झेल रहे श्रमिकों के लिए छत्तीसगढ़ से एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने महंगाई भत्ते में अचानक बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है, जिससे लाखों मजदूरों की मासिक आय में सीधा इजाफा होगा।
श्रमायुक्त हिम शिखर गुप्ता द्वारा न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948 के तहत प्रदेश के विभिन्न नियोजनों में कार्यरत श्रमिकों के लिए नई दरें निर्धारित की गई हैं। लेबर ब्यूरो शिमला के आंकड़ों के अनुसार जुलाई 2025 से दिसंबर 2025 के बीच औद्योगिक सूचकांक में 11.28 अंकों की औसत वृद्धि दर्ज की गई, जिसके आधार पर 45 अनुसूचित नियोजनों में कार्यरत श्रमिकों के महंगाई भत्ते में 226 रुपये प्रतिमाह की बढ़ोतरी की गई है।
कृषि क्षेत्र के श्रमिकों को भी इस फैसले का लाभ मिलेगा। सूचकांक में 34 अंकों की वृद्धि के चलते उनके भत्ते में 170 रुपये प्रति माह की बढ़ोतरी की गई है। वहीं अगरबत्ती उद्योग से जुड़े श्रमिकों के लिए प्रति हजार अगरबत्ती निर्माण पर 8.53 रुपये की अतिरिक्त राशि निर्धारित की गई है।
सरकार द्वारा तय की गई ये नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू होकर 30 सितंबर 2026 तक प्रभावी रहेंगी। इस बदलाव के बाद अकुशल श्रमिकों का मासिक वेतन जोन ‘अ’ में 11,402 रुपये, जोन ‘ब’ में 11,142 रुपये और जोन ‘स’ में 10,882 रुपये तय किया गया है।
अर्द्धकुशल श्रमिकों के लिए वेतन क्रमशः 12,052 रुपये, 11,792 रुपये और 11,532 रुपये निर्धारित किया गया है। वहीं कुशल श्रमिकों को जोन ‘अ’ में 12,832 रुपये, जोन ‘ब’ में 12,572 रुपये और जोन ‘स’ में 12,312 रुपये मिलेंगे। उच्च कुशल श्रमिकों के लिए यह वेतन क्रमशः 13,612 रुपये, 13,352 रुपये और 13,092 रुपये प्रति माह तय किया गया है।
सरकार का दावा है कि इस फैसले से महंगाई के दबाव को कम करने में मदद मिलेगी और श्रमिकों को आर्थिक राहत मिलेगी।
अब देखना होगा कि यह बढ़ोतरी श्रमिकों की जिंदगी में कितना बदलाव ला पाती है या फिर बढ़ती महंगाई के बीच यह राहत भी कम पड़ जाएगी।


