स्वतंत्र बोल
रायपुर 18 सितंबर 2025. प्रदेश के विभिन्न जिलों में डीएमएफ में खेला हो रहा है। एक कलेक्टर ने डीएमएफ के पैसो का बंदरबांट करने गजब ही कर दिया। जल संसाधन विभाग को कार्य एजेंसी बनाकर अपने परिचित सप्लायर को काम देने का आदेश किया, आदेश मिलते ही ईई जलसंसाधन विभाग ने नियमो के विपरीत सोलर लाइट लगाने का 4 करोड़ का कार्यादेश जारी कर दिया और एडवांस में 40 फीसदी राशि में दे दिया। जेम का नियम कहता है कि 5 लाख रुपये से अधिक की सामग्री खरीदने के टेंडर होना चाहिए, पर कलेक्टर साहब का निजी इंट्रेस्ट होने के चलते ना कोई टेंडर हुआ ना ही कोई रूचि की अभियक्ति… नमो नमो करते सीधे कार्यादेश जारी कर दिया।
दबाव में काम करने वाले अधिकारियो ने अपना कलम बचाने अब हाथ पेअर मारना शुरू कर दिया है, कलेक्टर ने बाकि पेमेंट करने निर्देशित किया तो नोडल अधिकारी ने क्रेडा से अभिमत मांग लिया, जिसके बाद भुगतान ठन्डे बस्ते में चला गया। बताते है कि कोई भी अभियंता उस मामले में हाथ डालने को तैयार नहीं है।
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