स्वतंत्र बोल
रायपुर 26 अगस्त 2025: पूरे छत्तीसगढ़ में 18 अगस्त से NHM संविदा कर्मचारी हड़ताल पर हैं। जिसकी वजह से स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं। ये NHM कर्मचारी अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर अलग-अलग तरीके से तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं। खून से सरकार को लेटर तक लिखा जा चुका है।
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स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का कहना है कि, 10 में से 5 मांगे पूरी करने का आश्वासन NHM कर्मियों को दिया चुका है। बाकी 5 मांग पूरी करना उनके हाथ में नहीं, इसके लिए वो केन्द्र सरकार से सिफारिश करेंगे। हालांकि इसका कोई सकारात्मक नतीजा निकला नहीं। NHM संविदा कर्मचारियों को कहना है, सब कुछ लिखित में दिया जाए, इसके बाद विचार होगा।
ऐसे में NHM कर्मियों को वापस ड्यूटी पर बुलाने सभी जिलों के जिलों के मुख्य चिकित्सा के अधिकारियों को एक लेटर NHM हेड ऑफिस से जारी किया गया। CMHO से कहा गया है कि जितने भी कर्मचारी ऑफ ड्यूटी है उनकी लिस्ट बनाई जाए और नियमानुसार कार्रवाई हो। वहीं कांग्रेस भी इस मुद्दे को लेकर भाजपा को घेर रही है।

सबसे पहले ये जान लीजिए कि 10 मांग क्या है ?
1. संविलियन और स्थायीकरण
2. पब्लिक हेल्थ कैडर की स्थापना
3. ग्रेड पे निर्धारण
4. लंबित 27% वेतन वृद्धि
5. CR सिस्टम में ट्रांसपेरेंसी
6. रेगुलर भर्ती में सीटों का आरक्षण
7. अनुकंपा नियुक्ति
8. मेडिकल और दूसरे लीव की सुविधा
9. ट्रांसफर पॉलिसी
10. मिनिमम 10 लाख तक कैश-लेस मेडिकल इंश्योरेंस
सरकार ने ये 5 मांग पूरी करने काे तैयार
1. CR सिस्टम में ट्रांसपेरेंसी
2. मेडिकल और दूसरे लीव की सुविधा
3. ट्रांसफर पॉलिसी – कमेटी बनाने को कहा गया है
4. मिनिमम 10 लाख तक कैश-लेस मेडिकल इंश्योरेंस
5. 27% की जगह केवल 5% वेतन वृद्धि के लिए तैयार
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समझिए प्रदर्शन की नौबत क्यों आई
NHM कर्मचारियों का आरोप है कि, चुनाव के दौरान भाजपा ने “मोदी की गारंटी” के नाम से जो मेनिफेस्टो जारी किया था। उसमें संविदा कर्मचारियों को 100 दिनों के भीतर नियमित करने का वादा किया गया था। लेकिन 20 महीनों में 160 से अधिक ज्ञापन देने के बाद भी सरकार ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
इसके बाद ये तय किया गया कि चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। NHM संविदा कर्मचारियों ने तीन चरणों में आंदोलन शुरू किया। पहले चरण में आंदोलन सभी जिलों में स्टार्ट हुआ। जो 24 अगस्त तक चला। अब संभागीय स्तर पर आंदोलन आ पहुंचा है। तूता में रायपुर बलौदाबाजार और गरियाबंद इन तीन जिलों के कर्मचारी पहुंच चुके हैं। आगे ये आंदोलन स्टेट लेवल का है, यानी 16 हजार कर्मचारी मांग नहीं पूरी होने पर एक साथ तूता में धरना देंगे।
