स्वतंत्र बोल
रायपुर 11 अगस्त 2025: रायपुर के खरोरा का पचरी गांव इन दिनों चर्चा में है। चर्चा की खास वजह रक्षाबंधन के दिन पचरी गांव में मां और बेटी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बेटी रक्षाबंधन का पर्व मनाने अपने मायके आई हुई थी। रक्षाबंधन के दिन ही रात में 8 बजे माँ बिंदा बाई चतुर्वेदी अपनी बेटी उषा मनहरे के साथ बैठकर बातचीत कर रही थी। बेटा जिसका नाम शीतल सोकर उठता है और तालाब की तरफ जा रहा हूं कहकर थोड़ी देर बाद जब घर लौटता तो माँ और बहन बेसुध अवस्था में जमीन पर पड़े हुए है।
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बेटा शीतल तत्काल पास के डॉक्टर को बुलाता है, डॉक्टर देखने के बाद इलाज करने से मना कर देते तत्काल पुलिस को फोन किया जाता। पुलिस आती और आने के बाद माँ बेटी को हॉस्पिटल लेके जाया जाता। इधर पुलिस के साथ फोरेंसिक टीम, डॉग स्क्वाइड और फिंगर एक्सपर्ट के साथ जाँच शुरू करती। इधर बेटे से पुलिस पूछताछ करती। पुलिस को संदिग्ध परिस्थियों में मौत का दो एंगल समझ आता।
जहर से मौत
पुलिस घटनास्थल पर पहुँचती तो पुलिस को ये अंदेशा था माँ बेटी की मौत जहर की वजह से हो सकती है लेकिन ना तो शरीर नीला था और ना ही आसपास कोई जहर की शीशी मिली। पुलिस का ये थ्योरी भी सही न हुआ।
गले की हड्डी सलामत
पुलिस को दूसरी थ्योरी हत्या लगा लेकिन गले ही हड्डी सलामत होने की वजह से ये थ्योरी भी फेल रही।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट फेल होने के बाद अब पुलिस विसरा रिपोर्ट तैयार करा रही है। विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही इस मौत के राज से पर्दा उठ पायेगा
