इस साल चैत्र नवरात्रि की सही डेट को लेकर कई लोगों को कंफ्यूजन है। आप सही डेट और टाइम तुरंत चेक कर सकते हैं।
चैत्र नवरात्रि कब से शुरु होंगे?
इस बार चैत्र नवरात्र 30 मार्च से शुरू हो रहे हैं और 06 अप्रैल को खत्म होंगे। इस दौरान मां दुर्गा के 09 रूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि से चैत्र नवरात्र की शुरुआत मानी जाती है। इस दिन कई लोग कलश घटस्थापना करते हैं। रविवार से शुरु हुए चैत्र नवरात्र में इस बार 8 दिन का उपवास रख सकते हैं लेकिन इन दिनों में माता दुर्गा के 9 दिनों की पूजा होगी।
आठ दिन ही रखे जाएंगे व्रत
चैत्र शुक्ल प्रतिपदा 30 मार्च को है। इस वजह से नवरात्रि रविवार को शुरू होगी। पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाएगी। लेकिन, द्वितीया और तृतीया तिथि 31 मार्च को एक ही दिन लग रही है, इसलिए तृतीया तिथि का क्षय हो रहा है। इस कारण चैत्र नवरात्रि पर 8 दिन ही व्रत रखा जाएगा।
30 मार्च प्रतिपदा को मां शैलपुत्री पूजन, 31 मार्च को मां ब्रह्मचारिणी पूजन कर सकते हैं। इसके बाद तृतीया तिथि को मां चंद्रघंटा पूजन और 1 अप्रैल चतुर्थी तिथि को मां कूष्मांडा पूजन और 2 अप्रैल पंचमी को मां स्कंदमाता पूजन कर सकते हैं। फिर 3 अप्रैल षष्ठी को मां कात्यायनी पूजन, 4 अप्रैल सप्तमी को मां कालरात्रि पूजन, 5 अप्रैल अष्टमी को मां महागौरी पूजन, 6 अप्रैल नवमी मां सिद्धिदात्री पूजन और 7 अप्रैल दशहरा और नवरात्रि पारण रहेगा।
किस समय करें पूजा-अर्चना?
चैत्र नवरात्रि की शुरुआत इस बार 30 मार्च को सूर्योदय पर हो जाएगी और यह 6 मार्च को नवमी तिथि के समाप्त होगी। इसमें पूजा का आरंभ करने के लिए दोपहर में अभिजीत मुहूर्त उत्तम है, जिसमें घटस्थापना करना बेहद शुभ होगा। वैसे सूर्योदय के साथ भी आप नवरात्रि पूजन शुरू कर सकते हैं, लेकिन सुबह 10.30 बजे से दोपहर 12.00 बजे के बीच घटस्थापना करने से बचें।
हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि में पूजन और व्रत करने वाले भक्तों पर माता विशेष कृपा होती हैं और इन नौ दिन में माता का पूजन और व्रत करते हैं उनके जीवन के सभी संकट दूर हो जाते हैं। माना जाता है कि दूर्गा माता की पूजा-अर्चना करने से घर में अन्न और धन-धान्य की कमी नहीं होती है। चैत्र नवरात्रि में शुभ कामों की भी शुरुआत की जा सकती है।


