सहकारिता से समृद्धि की ओर छत्तीसगढ़: प्रदेश में खुलेगी 500 नई सहकारी समितियां, चॉइस सेंटर जैसी मिलेगी सुविधाएं

Finance department approves

स्वतंत्र बोल
रायपुर 29 जनवरी 2025.  प्रदेश में नई सहकारी समितियां बनाई जायेगी, सहकारिता विभाग द्वारा इस पर तेजी से काम किया जा रहा है। अधिकारियो के अनुसार मार्च 2025 में 500 नई सहकारी समितियां अस्तित्व में आ जाएगी, वर्तमान में प्रदेश भर में 2058 सहकारी समितियां कार्यरत है।

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नई समितियों के बनने के बाद इनकी संख्या बढ़कर 2558 हो जाएगी। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के निर्देशों के बाद प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतो में सहकारी समितियां (पैक्स) खोलनेका लक्ष्य निर्धारित किया गया है। प्रारंभिक तौर पर 500 नई सहकारी समितियां खुलेगी, जिसका लाभ किसानो को मिलेगा। पिछले साल अगस्त में छत्तीसगढ़ दौरे पर आये केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नए समितियां बनाने का निर्देशित किया था। साल 2029 तक प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतो में सहकारी समितियां खोलने का लक्ष्य रखा गया है।

समितियों में होगा चॉइस सेंटर का काम-
सहकारिता विभाग सहकारी समितियों में किसानो और ग्रामीणों को सुविधा देने के उद्देश्य से सहकारी समितियों में ही चॉइस सेंटर का संचालन करेगा, जहा किसानो को मोबाइल, बिजली बिल जमा करने और एयर टिकट बनाने सहित अन्य सुविधा मिलेगी। विभाग ने इसके लिए व्यापक स्टार पर तैय्यारी की है। प्रदेश के सभी सहकारी समितियों का डिजिटलीकरण किया जा रहा है, जिससे ऑनलाइन जमीन संबंधी जानकारी मिलेगी तो बार बार सहकारी समितियों के चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। इससे किसानो के साथ होने गड़बड़ी और धोखाधड़ी से भी निजात मिलेगा। पंजीयक सहकारी संस्थाए कुलदीप शर्मा के अनुसार

“मार्च 2025 में 500 नई शुरू हो जाएगी, इससे किसानो को सुविधा मिलेगी। किसानो को यहाँ चॉइस सेण्टर जैसी सुविधाएं भी मिलेगी।”

 

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