स्वतंत्र बोल
रायपुर, 29 अप्रैल 2026: आम जनता की समस्याओं को लेकर अब सरकार सीधे मैदान में उतरने जा रही है। “सुशासन तिहार 2026” के जरिए एक ऐसा अभियान शुरू होने वाला है, जिसमें लोगों की शिकायतें सिर्फ सुनी नहीं जाएंगी, बल्कि मौके पर ही उनका समाधान भी किया जाएगा। 1 मई से शुरू होने वाला यह विशेष अभियान पूरे प्रदेश में बड़े स्तर पर लागू किया जाएगा।
|
WhatsApp Group
|
Join Now |
|
Facebook Page
|
Follow Now |
|
Twitter
|
Follow Us |
|
Youtube Channel
|
Subscribe Now |
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सभी कलेक्टरों को सख्त निर्देश दिए हैं कि 30 अप्रैल 2026 तक जिलों में लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। इसमें खासतौर पर जमीन से जुड़े विवाद जैसे नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही मनरेगा के तहत लंबित मजदूरी भुगतान, विभिन्न हितग्राही योजनाओं के बकाया, आय-जाति-निवास प्रमाण पत्र, बिजली और ट्रांसफार्मर से जुड़ी समस्याएं तथा हैंडपंप सुधार जैसे मुद्दों को भी तेजी से सुलझाने पर जोर दिया गया है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि पात्र लोगों को उज्ज्वला योजना, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत और सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी योजनाओं का लाभ दिलाना इस अभियान का अहम हिस्सा होगा, ताकि कोई भी जरूरतमंद सरकारी सुविधाओं से वंचित न रह जाए।
इस अभियान के तहत 1 मई से 10 जून 2026 तक प्रदेशभर में जन समस्या निवारण शिविर लगाए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में 15 से 20 ग्राम पंचायतों के समूह बनाकर शिविर आयोजित होंगे, जबकि शहरी क्षेत्रों में वार्ड क्लस्टर के आधार पर लोगों की समस्याएं सुनी जाएंगी। इन शिविरों में न केवल शिकायतों का समाधान किया जाएगा, बल्कि योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी और पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही लाभ वितरण किया जाएगा।
सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि शिविरों में प्राप्त सभी आवेदनों का अधिकतम एक महीने के भीतर निराकरण सुनिश्चित किया जाए और हर आवेदक को उसकी शिकायत की स्थिति की जानकारी दी जाए।
अब देखने वाली बात यह होगी कि यह अभियान लोगों की उम्मीदों पर कितना खरा उतरता है, लेकिन फिलहाल इतना तय है कि सरकार ने समस्याओं के समाधान को लेकर सख्त और सीधा रास्ता अपनाने का संकेत दे दिया है।
