आधी रात जब खामोशी टूटी, दरवाजों पर दस्तक नहीं धावा था, रायपुर में एक साथ टूट पड़े पुलिस के कदम, हिस्ट्रीशीटरों और चाकूबाजों की नींद उड़ गई

स्वतंत्र बोल
रायपुर, 23 अप्रैल 2026:
शहर की रात उस वक्त सन्नाटे से कांप उठी, जब पुलिस कमिश्नरेट के मध्य ज़ोन में अचानक एक बड़ा मिडनाइट ऑपरेशन शुरू हुआ। अपराध नियंत्रण और असामाजिक तत्वों पर शिकंजा कसने के लिए चलाए गए इस अभियान ने कई बदमाशों की नींद उड़ा दी।

आईपीएस उमेश प्रसाद गुप्ता, डीसीपी सेंट्रल ज़ोन के नेतृत्व में यह विशेष कॉम्बिंग गश्त अभियान संचालित किया गया। उनके साथ एडिशनल डीसीपी तारकेश्वर पटेल, एसीपी दीपक मिश्रा, एसीपी रमाकांत और मध्य ज़ोन के थाना प्रभारी पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरे। रात में पुलिस लाइन से करीब 150 जवानों की टीम बनाई गई और लगभग 10 अलग-अलग दलों में उन्हें बांटा गया।

इस पूरे ऑपरेशन को और भी सटीक बनाने के लिए ड्रोन कैमरों की मदद ली गई। संवेदनशील इलाकों को पहले चिन्हित कर पूरी तरह सील किया गया, जिसके बाद कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन चलाया गया। वारंटियों और फरार आरोपियों के घरों में डोर-टू-डोर तलाशी ली गई, वहीं संदिग्ध ठिकानों पर भी छापेमारी की गई। शहर के संभावित रास्तों पर नाके लगाकर हर आने-जाने वाले पर कड़ी नजर रखी गई।

कार्रवाई के दौरान कुल 11 स्थायी वारंट और 9 गिरफ्तारी वारंट तामील किए गए। मादक पदार्थों के खिलाफ भी सख्ती दिखाई गई, जिसमें NDPS एक्ट के तहत 2 अलग-अलग मामले दर्ज हुए। एक कार्रवाई देवार डेरा क्षेत्र में और दूसरी थाना गोलबाजार इलाके में बंजारी बाबा मस्जिद के पास की गई। इसके अलावा आर्म्स एक्ट के तहत भी एक प्रकरण दर्ज हुआ।

सार्वजनिक स्थानों पर नशाखोरी और उपद्रव करने वाले 32 संदिग्ध व्यक्तियों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पुलिस ने करीब 70 हिस्ट्रीशीटर गुंडों और 85 पुराने चोरों व चाकूबाजों के घरों पर एक साथ दबिश दी। इस अचानक हुई कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया।

इस समन्वित और त्वरित मिडनाइट ऑपरेशन में 55 से अधिक अपराधियों के खिलाफ गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई की गई। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई से अपराधियों में डर का माहौल साफ तौर पर नजर आया, वहीं आम नागरिकों ने राहत की सांस ली।

रायपुर पुलिस कमिश्नरेट ने साफ कर दिया है कि इस तरह के सघन अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे, ताकि शहर में कानून-व्यवस्था को मजबूत रखा जा सके और अपराधियों पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।