स्वतंत्र बोल
तमिलनाडु, 12 मई 2026:तमिलनाडु की सत्ता संभालते ही मुख्यमंत्री विजय लगातार ऐसे फैसले ले रहे हैं, जिन्होंने पूरे राज्य की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। शपथ लेने के बाद से ही विजय सरकार एक्शन मोड में नजर आ रही है और अब उन्होंने शराब दुकानों को लेकर ऐसा फैसला लिया है, जिसकी पूरे राज्य में जोरदार चर्चा हो रही है।
मुख्यमंत्री विजय ने मंदिरों, मस्जिदों, चर्चों, स्कूलों, कॉलेजों और बस स्टैंडों के आसपास चल रही 717 सरकारी शराब दुकानों को बंद करने का आदेश जारी कर दिया है। सरकार ने साफ कहा है कि इन सभी दुकानों को 15 दिन के भीतर बंद कर दिया जाएगा।
तमिलनाडु सरकार के मुताबिक, राज्य में फिलहाल TASMAC की कुल 4,765 शराब दुकानें संचालित हैं। इनमें से 276 दुकानें धार्मिक स्थलों के पास, 186 शिक्षण संस्थानों के आसपास और 255 बस स्टैंडों के नजदीक स्थित हैं। इन्हीं दुकानों को बंद करने के लिए चिन्हित किया गया है।
विजय सरकार इस फैसले को सामाजिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम बता रही है। सरकार का कहना है कि संवेदनशील सार्वजनिक स्थानों पर शराब की दुकानों की मौजूदगी लगातार विवाद और सामाजिक समस्याओं की वजह बन रही थी। खासतौर पर बच्चों, महिलाओं और धार्मिक स्थलों के आसपास के माहौल को लेकर लंबे समय से सवाल उठ रहे थे।
हालांकि यह फैसला आर्थिक नजरिए से भी बेहद बड़ा माना जा रहा है, क्योंकि तमिलनाडु को शराब बिक्री से हर साल करीब 40 हजार करोड़ रुपये का राजस्व मिलता है। ऐसे में 700 से ज्यादा दुकानों को बंद करना सरकार के लिए एक बड़ा और साहसिक कदम माना जा रहा है।
दिलचस्प बात यह है कि इससे पहले साल 2023 में एमके स्टालिन सरकार ने भी शराब से हुई मौतों के बाद करीब 500 सरकारी शराब दुकानों को बंद करने का आदेश दिया था। उस समय भी धार्मिक स्थलों, स्कूल-कॉलेजों और लोगों के विरोध वाले इलाकों में स्थित दुकानों को हटाया गया था।
लेकिन विजय सरकार का यह फैसला उससे भी ज्यादा बड़ा और आक्रामक माना जा रहा है। मुख्यमंत्री बनने के सिर्फ 48 घंटे के भीतर विजय ने कई बड़े फैसले लेकर साफ संकेत दे दिए हैं कि उनकी सरकार तेज और सख्त फैसलों के साथ आगे बढ़ने वाली है।
10 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद विजय ने 200 यूनिट मुफ्त बिजली, महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा जैसे कई बड़े ऐलान किए थे। इसके अलावा उन्होंने पिछली स्टालिन सरकार के वित्तीय मामलों की जांच के लिए व्हाइट पेपर जारी करने का भी आदेश दिया था।
अब 717 शराब दुकानों को बंद करने का आदेश आने के बाद तमिलनाडु की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में हलचल और तेज हो गई है। सवाल अब यह उठ रहा है कि क्या विजय आने वाले दिनों में और भी बड़े फैसलों से राज्य की राजनीति का पूरा चेहरा बदलने वाले हैं।


