छत्तीसगढ़ में बनने जा रहा उद्योगों का नया हब! नवा रायपुर से बिलासपुर तक करोड़ों की मेगा परियोजनाओं पर मंथन

स्वतंत्र बोल
बिलासपुर,12 मई 2026:
छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने की तैयारी शुरू हो गई है। राज्य सरकार अब बड़े स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश परियोजनाओं को जमीन पर उतारने के मूड में नजर आ रही है। इसी कड़ी में सोमवार को मंत्रालय महानदी भवन में हुई एक अहम बैठक में कई मेगा परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

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मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में आयोजित सार्वजनिक निजी भागीदारी मूल्यांकन समिति यानी PPPAC की बैठक में राज्य के औद्योगिक ढांचे को मजबूत करने और निजी निवेश आकर्षित करने को लेकर बड़ा मंथन हुआ। बैठक में बिलासपुर ट्रांसपोर्ट नगर, नवा रायपुर कन्वेंशन सेंटर और नए औद्योगिक क्षेत्रों जैसी कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं चर्चा के केंद्र में रहीं।

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सरकार इन परियोजनाओं को PPP मॉडल यानी सार्वजनिक निजी भागीदारी के तहत विकसित करने की तैयारी कर रही है। बैठक में जिन प्रमुख योजनाओं पर चर्चा हुई, उनमें बिलासपुर में आधुनिक ट्रांसपोर्ट नगर का विकास, नवा रायपुर में अत्याधुनिक कन्वेंशन सेंटर का निर्माण, धमतरी के छाती और बलौदाबाजार के चंदेरी में नए इंडस्ट्रियल एरिया विकसित करना शामिल है।

इसके अलावा भिलाई में कमर्शियल टॉवर और फ्लेटेड फैक्ट्री बिल्डिंग निर्माण की योजना पर भी विस्तार से विचार किया गया। माना जा रहा है कि इन परियोजनाओं के जरिए राज्य में रोजगार, व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

बैठक में मुख्य सचिव विकासशील ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि औद्योगिक परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए नियमों को सरल बनाया जाए। उन्होंने कहा कि निवेशकों को प्रक्रियाओं में अनावश्यक बाधाओं का सामना न करना पड़े और राज्य में उद्योग लगाने का माहौल और आसान बनाया जाए।

इंडस्ट्रियल पार्कों के आवंटन नियमों को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने पर भी चर्चा हुई। सरकार का फोकस अब ऐसे सिस्टम पर है, जिससे निवेशक तेजी से प्रोजेक्ट शुरू कर सकें।

बैठक के दौरान उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के सचिव रजत कुमार ने विभिन्न PPP परियोजनाओं की मौजूदा स्थिति और भविष्य की कार्ययोजना को लेकर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। इस दौरान वित्त, विधि और योजना विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

राज्य सरकार की इस पहल को छत्तीसगढ़ में आने वाले बड़े औद्योगिक बदलाव की शुरुआत माना जा रहा है। अब नजर इस बात पर है कि इन परियोजनाओं को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया कितनी तेजी से आगे बढ़ती है।