स्वतंत्र बोल
नई दिल्ली 3 नवंबर 2026: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के बीच मंगलवार को अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के लिए मतदान हो रहा है। इन चुनावों में कांग्रेस के दोनों सदनों- हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स और सीनेट का भविष्य तय होगा। प्रतिनिधि सभा की सभी 435 सीटों और सीनेट की 35 सीटों पर वोटिंग हो रही है। इसके अलावा 36 राज्यों में गवर्नर पद के लिए भी मतदान कराया जा रहा है।
इस चुनाव में ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के सामने कांग्रेस के दोनों सदनों में अपना बहुमत बचाए रखने की चुनौती है। वहीं डेमोक्रेटिक पार्टी की कोशिश प्रतिनिधि सभा और सीनेट में अपनी स्थिति मजबूत करने की है। चुनाव से पहले आए तीन प्रमुख सर्वे में डेमोक्रेट्स को रिपब्लिकन्स पर बढ़त दिखाई गई है।
हाउस और सीनेट में बहुमत का मुकाबला
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के दो साल बाद होने वाले मिडटर्म चुनाव को मौजूदा राष्ट्रपति के कामकाज पर जनता की राय के तौर पर देखा जाता है। इस बार चुनाव का केंद्र ट्रंप और उनकी नीतियां हैं।
कांग्रेस के दोनों सदनों की भूमिका अमेरिकी राजनीति में अहम है। प्रतिनिधि सभा में सभी 435 सीटों पर चुनाव होता है। वहीं सीनेट की 100 सीटों में से करीब एक तिहाई सीटों पर हर दो साल में मतदान होता है। इस बार सीनेट की 35 सीटों के लिए वोटिंग हो रही है।
फिलहाल रिपब्लिकन पार्टी के पास सीनेट में 53 सीटें हैं। डेमोक्रेट्स और उनके साथ मतदान करने वाले निर्दलीय सांसदों की संख्या 47 है। जिन 35 सीटों पर चुनाव हो रहा है, उनमें से 22 पर रिपब्लिकन पार्टी का कब्जा है।
प्रतिनिधि सभा में भी रिपब्लिकन्स के पास बहुमत है, लेकिन वहां मुकाबला करीबी माना जा रहा है। ऐसे में कुछ सीटों का समीकरण बदलने से सदन का नियंत्रण भी बदल सकता है।
CNN के ‘पोल ऑफ पोल्स’ के मुताबिक, डेमोक्रेट्स को प्रतिनिधि सभा पर कब्जा करने के लिए 3 और सीनेट में बहुमत हासिल करने के लिए 4 सीटें जीतनी होंगी।
तीनों सर्वे में डेमोक्रेट्स को बढ़त
मिडटर्म चुनाव से पहले आए तीन सर्वे में डेमोक्रेटिक पार्टी को रिपब्लिकन्स से आगे दिखाया गया है।
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जॉन जोग्बी स्ट्रैटेजीज: 1-2 नवंबर के सर्वे में डेमोक्रेट्स को 53% और रिपब्लिकन्स को 47% समर्थन मिला।
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YouGov: 30 अक्टूबर के सर्वे में डेमोक्रेट्स को 53% और रिपब्लिकन्स को 44% समर्थन मिला।
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PolityIQ: नेशनल पोलिंग औसत में डेमोक्रेट्स को 52.7% और रिपब्लिकन्स को 43.2% समर्थन मिला।
इन तीनों सर्वे में डेमोक्रेट्स को 6 से 9.5 प्रतिशत अंकों की बढ़त दिखाई गई है। हालांकि, ये राष्ट्रीय सर्वे हैं। इनके आधार पर सीटों के नतीजों की गारंटी नहीं दी जा सकती।
54.5 मिलियन अमेरिकी पहले ही डाल चुके हैं वोट
चुनाव दिवस से पहले करीब 54.5 मिलियन अमेरिकी व्यक्तिगत रूप से या डाक के जरिए अपना वोट डाल चुके हैं। मंगलवार को मतदान के बाद चुनावी नतीजे आने शुरू होंगे।
ट्रंप के बाकी दो साल के लिए क्यों अहम हैं नतीजे?
अगर रिपब्लिकन पार्टी कांग्रेस के दोनों सदनों में अपना बहुमत बरकरार रखती है, तो ट्रंप प्रशासन को अपने एजेंडे पर आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। वहीं डेमोक्रेट्स अगर किसी एक सदन में भी बहुमत हासिल कर लेते हैं, तो सरकार के लिए कानून पारित कराना और अपनी नीतियों को लागू करना मुश्किल हो सकता है।
अमेरिका में मिडटर्म चुनाव का इतिहास भी राष्ट्रपति की पार्टी के पक्ष में नहीं रहा है। 1946 के बाद हुए पिछले 20 मिडटर्म चुनावों में से 18 में राष्ट्रपति की पार्टी ने प्रतिनिधि सभा में सीटें गंवाई हैं। हालांकि, हर चुनाव के मुद्दे और परिस्थितियां अलग होती हैं।
टेक्सास से मिशिगन तक सीनेट सीटों पर नजर
इस चुनाव में टेक्सास, मिशिगन, अलास्का, ओहायो और कंसास जैसे राज्यों की सीनेट सीटों पर खास नजर है। इन राज्यों में दोनों पार्टियों के बीच मुकाबला अहम माना जा रहा है।
टेक्सास में रिपब्लिकन उम्मीदवार केन पैक्सटन और डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जेम्स तालारिको के बीच मुकाबला चर्चा में है। मिशिगन में भी सीनेट सीट के लिए कड़ा चुनावी संघर्ष है।
चुनाव के नतीजे मंगलवार को मतदान खत्म होने के बाद आने शुरू होंगे। इनसे तय होगा कि ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी कांग्रेस में अपना बहुमत बचा पाती है या डेमोक्रेट्स को सदन में अपनी ताकत बढ़ाने का मौका मिलता है।


