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नई दिल्ली 10 अक्टूबर 2026: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रूस से डीजल खरीदने पर लगी रोक में 7 अप्रैल 2027 तक छूट देने का फैसला किया है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब अमेरिका में डीजल की कीमतें बढ़ी हुई हैं और 3 नवंबर को मिडटर्म चुनाव होने हैं। ट्रम्प के मुताबिक, रूस तुरंत 3 लाख टन से ज्यादा डीजल भेजेगा। इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और आगे भी आपूर्ति की योजना है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इस फैसले पर नाराजगी जताई है।
अमेरिका में क्यों बढ़ी रूसी डीजल की मांग?
दी गई जानकारी के मुताबिक, अमेरिका में डीजल की कीमत करीब 6.28 डॉलर प्रति गैलन पहुंच गई है। ईरान युद्ध से पहले यह कीमत करीब 3.70 डॉलर थी। ईंधन की बढ़ती लागत अमेरिकी प्रशासन के लिए चुनौती बनी हुई है।
3 नवंबर को अमेरिका में मिडटर्म चुनाव होने हैं। ऐसे में ट्रम्प प्रशासन ईंधन की सप्लाई बढ़ाकर कीमतों को कम करने की कोशिश कर रहा है। ट्रम्प ने कहा कि कम कीमतें, खासकर किसानों, पशुपालकों और ट्रक चालकों के लिए, उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता हैं।
रूस से कितने डीजल की आपूर्ति होगी?
ट्रम्प के मुताबिक, रूस तुरंत 3 लाख टन से ज्यादा डीजल भेजेगा। इसके बाद नवंबर में 5 लाख टन और फिर 10 लाख टन डीजल की आपूर्ति की जाएगी। उन्होंने कहा कि अगर सब कुछ ठीक रहा, तो आगे चलकर 30 लाख टन डीजल भी भेजा जा सकता है।
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रम्प ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का धन्यवाद किया। अमेरिकी वित्त मंत्रालय की मंजूरी के तहत रूसी मूल के डीजल की बिक्री, डिलीवरी और आयात से जुड़े कुछ लेन-देन 7 अप्रैल 2027 तक किए जा सकेंगे।
जेलेंस्की ने क्यों जताई नाराजगी?
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने अमेरिकी फैसले की आलोचना की है। उनका कहना है कि रूसी डीजल की बिक्री से रूस को पैसा मिलेगा, जिसका इस्तेमाल वह यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में कर सकता है।
रूस ने फरवरी 2022 में यूक्रेन पर हमला किया था। इसके बाद अमेरिका ने रूसी ऊर्जा क्षेत्र पर प्रतिबंध लगाए थे। ऐसे में रूसी डीजल से जुड़े लेन-देन को मिली नई छूट पर सवाल उठ रहे हैं।
भारत और चीन पर टैरिफ की बात भी चर्चा में
खास बात यह है कि दी गई जानकारी के मुताबिक, सितंबर में ट्रम्प ने ऐसे कानून पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत रूस से तेल खरीदने वाले भारत और चीन जैसे देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाया जा सकता है।
अब रूस से डीजल खरीदने के लिए दी गई छूट ने अमेरिकी नीति को लेकर चर्चा तेज कर दी है। एक ओर ट्रम्प ईंधन की कीमतें कम करना चाहते हैं, वहीं दूसरी ओर यूक्रेन को आशंका है कि इस फैसले से रूस को आर्थिक फायदा हो सकता है।


