बरसात में टपकती थी छत, रातभर जागते थे बच्चे… सुशासन तिहार में अचानक बदली इन परिवारों की किस्मत

स्वतंत्र बोल
रायपुर ,10 मई 2026
: कोंडागांव जिले के एक छोटे से गांव में आयोजित सुशासन तिहार शिविर उस वक्त भावुक हो गया, जब वर्षों से कच्चे और जर्जर मकानों में जिंदगी काट रहे परिवारों को अचानक उनके नए पक्के घर की चाबी सौंप दी गई। जिन लोगों ने हर बारिश में डर, टपकती छत और ढहती दीवारों के बीच रातें गुजारी थीं, उनके चेहरे पर पहली बार सुकून दिखाई दिया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना अब ग्रामीण इलाकों में गरीब परिवारों की जिंदगी बदलती नजर आ रही है। इसी कड़ी में केशकाल विकासखंड के ग्राम बदवर में जिला स्तरीय सुशासन तिहार शिविर और बस्तर मुन्ने अभियान के अंतर्गत विशेष शिविर आयोजित किया गया।

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शिविर में ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर निराकरण किया गया, वहीं पात्र हितग्राहियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ भी दिया गया। लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा उस पल की रही, जब प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत तैयार हुए पक्के मकानों की चाबियां पांच हितग्राहियों को सौंपी गईं।

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हितग्राही श्री सोमारू नेताम ने बताया कि उनका परिवार लंबे समय से कच्चे मकान में रहने को मजबूर था। बरसात आते ही छत से पानी टपकता था और हर रात यह डर बना रहता था कि कहीं दीवार गिर न जाए। उन्होंने कहा कि अब पक्का घर मिलने के बाद परिवार को सुरक्षा और सम्मान दोनों मिला है।

वहीं श्री जयसिंह नेताम ने अपनी पुरानी जिंदगी को याद करते हुए बताया कि उनका परिवार झोपड़ीनुमा घर में रहता था, जहां बारिश के दिनों में घर के अंदर तक पानी भर जाता था। कई बार रातें जागकर बितानी पड़ती थीं। अब नए घर की चाबी मिलने के बाद उनके परिवार में खुशी का माहौल है और भविष्य को लेकर भरोसा भी बढ़ा है।

ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से जो सपना अधूरा था, वह अब हकीकत बन चुका है। सुशासन तिहार का यह शिविर सिर्फ सरकारी आयोजन नहीं, बल्कि उन परिवारों के लिए नई जिंदगी की शुरुआत बन गया, जो अब तक डर और अभाव के साए में जी रहे थे।