स्वतंत्र बोल
रायपुर 22 अप्रैल 2026: छत्तीसगढ़ में Vishnu Deo Sai सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को लेकर बड़ा और सख्त फैसला लिया है। राज्य में आगामी सुशासन तिहार और जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को ध्यान में रखते हुए अगले तीन महीनों के लिए कर्मचारियों की छुट्टियों पर कड़ी निगरानी लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं।
|
WhatsApp Group
|
Join Now |
|
Facebook Page
|
Follow Now |
|
Twitter
|
Follow Us |
|
Youtube Channel
|
Subscribe Now |
जारी आदेश के अनुसार, अब कोई भी शासकीय सेवक सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना अवकाश पर नहीं जा सकेगा। यदि कोई कर्मचारी बिना मंजूरी के अनुपस्थित पाया जाता है, तो इसे स्वैच्छिक अनुपस्थिति माना जाएगा और सेवा नियमों के तहत इसे ‘ब्रेक इन सर्विस’ यानी सेवा में व्यवधान के रूप में दर्ज किया जा सकता है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि आकस्मिक अवकाश की स्थिति में भी कर्मचारियों को पहले से सूचना देना अनिवार्य होगा। इसके लिए दूरभाष या डिजिटल माध्यम से जानकारी देना जरूरी होगा और कार्यालय लौटने के तुरंत बाद इसकी लिखित पुष्टि करनी होगी।
इसके अलावा, यदि किसी कर्मचारी को लंबी छुट्टी (जैसे अर्जित अवकाश) पर जाना है, तो उसे अपने सभी कार्यों का प्रभार विधिवत किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी को सौंपना अनिवार्य होगा।
सरकार ने सभी विभागों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। माना जा रहा है कि सुशासन तिहार और जनगणना जैसे बड़े आयोजनों को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है।
इस फैसले के बाद साफ है कि आने वाले तीन महीने सरकारी कर्मचारियों के लिए बेहद अहम रहने वाले हैं, जहां जरा सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है।
