स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल टैंकर पर हमला: 5 भारतीय नाविकों को कैसे बचाना पड़ा?

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मस्कट/नई दिल्ली 3 अक्टूबर 2026:
फारस की खाड़ी के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कुवैत के झंडे वाले एक तेल टैंकर पर प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ है। मस्कट स्थित भारतीय दूतावास ने शुक्रवार को बताया कि ओमान के अधिकारियों की मदद से चलाए गए बचाव अभियान में जहाज पर सवार सभी 5 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचाकर किनारे पहुंचा दिया गया है।

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टोगो जा रहा था कच्चा तेल से भरा ‘MT काजिमाह III’

भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी दी कि ‘MT काजिमाह III’ नाम का यह तेल टैंकर कच्चा तेल लेकर पश्चिमी अफ्रीका के देश टोगो के लोमे शहर जा रहा था। इसी दौरान जलडमरूमध्य से गुजरते समय जहाज पर प्रोजेक्टाइल से हमला कर दिया गया। दूतावास ने इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए ओमानी अधिकारियों का आभार व्यक्त किया है।

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हमले के पीछे किसका हाथ? स्थिति अस्पष्ट

फिलहाल भारतीय दूतावास या स्थानीय अधिकारियों ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि यह हमला किसने और किस हथियार या तकनीक से किया। इस हमले से जुड़ी अन्य विस्तृत जानकारियां अभी सामने आना बाकी हैं। फारस की खाड़ी और आसपास के समुद्री मार्गों पर वाणिज्यिक जहाजों पर हाल के महीनों में हमले बढ़े हैं।

फरवरी से अब तक 11 भारतीय नाविक गंवा चुके हैं जान

फारस की खाड़ी के इस संकीर्ण समुद्री मार्ग पर लगातार हो रहे हमलों के कारण भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। इस साल फरवरी से अब तक होर्मुज क्षेत्र में हुए विभिन्न समुद्री हमलों में 100 से अधिक भारतीय नाविक प्रभावित हुए हैं। इन हिंसक घटनाओं में अब तक 11 भारतीय नाविकों की मौत हो चुकी है।

खाड़ी क्षेत्र में 4,500 से अधिक भारतीय नाविक तैनात

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस हफ्ते बताया था कि फारस की खाड़ी और आसपास के इलाकों में 4,500 से अधिक भारतीय नाविक व्यापारिक पोतों पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इनमें से करीब 163 भारतीय नाविक 12 मालवाहक जहाजों (6 भारतीय और 6 विदेशी झंडे वाले) पर तैनात हैं, जो भारत के लिए जरूरी सामान ला रहे हैं। विदेश मंत्रालय और जहाजरानी मंत्रालय दूतावासों के संपर्क में रहकर हालात और नाविकों की सुरक्षा पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।