स्वतंत्र बोल
डोंगरगढ़ (राजनांदगांव) 3 अक्टूबर 2026: छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ में आबकारी विभाग ने मुखबिर की सूचना पर नाकेबंदी कर मध्यप्रदेश निर्मित अंग्रेजी शराब की 45 पेटियां और तस्करी में इस्तेमाल रायपुर पासिंग स्कॉर्पियो गाड़ी जब्त की है। हालांकि, सटीक सूचना के आधार पर झिंझारी और मडियान रोड के बीच जाल बिछाने के बाद भी स्कॉर्पियो सवार तस्कर आबकारी टीम को चकमा देकर मौके से भागने में सफल रहे। आबकारी विभाग ने शराब और वाहन को कब्जे में लेकर अज्ञात फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
सटीक मुखबिर की सूचना पर बिछाया गया था जाल
आबकारी विभाग को पहले ही गुप्त सूचना मिल चुकी थी कि क्षेत्र से होकर मध्यप्रदेश निर्मित अंग्रेजी शराब की बड़ी खेप ले जाई जा रही है। इस पर त्वरित संज्ञान लेते हुए आबकारी टीम ने प्रभारी अनिल सिंह के नेतृत्व में झिंझारी और मडियान रोड के बीच संदिग्ध मार्ग पर नाकेबंदी की। जैसे ही रायपुर पासिंग स्कॉर्पियो वहां पहुंची, टीम ने उसे रोककर तलाशी ली, जिसमें 45 पेटी अवैध शराब बरामद हुई।
शराब और स्कॉर्पियो जब्त, पर तस्कर भागने में रहे कामयाब
कार्रवाई के दौरान जैसे ही टीम ने संदिग्ध वाहन को घेरा, स्कॉर्पियो में सवार आरोपी गाड़ी छोड़कर मौके से रफूचक्कर हो गए। आबकारी कर्मियों ने उन्हें पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वे अंधेरे और मौके का फायदा उठाकर निकल भागे। सटीक सूचना और मौके पर नाकेबंदी होने के बाद भी आरोपियों के फरार हो जाने से विभाग की घेराबंदी और कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।
अंतरराज्यीय शराब तस्करी नेटवर्क की जांच शुरू
डोंगरगढ़ और आसपास के इलाकों में दूसरे राज्यों की अवैध शराब खपाने के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। एक साथ 45 पेटियां स्कॉर्पियो में मिलने से साफ है कि यह सिर्फ एक बार की खेप नहीं थी, बल्कि इसके पीछे एक सुव्यवस्थित सप्लाई नेटवर्क काम कर रहा था। अब आबकारी विभाग इस बात की पड़ताल में जुटा है कि शराब की यह खेप मध्यप्रदेश में कहां से खरीदी गई और इसे स्थानीय स्तर पर किसे सौंपा जाना था।
तस्करों की पहचान और मुख्य नेटवर्क तक पहुंचने की चुनौती
फिलहाल आबकारी विभाग के रिकॉर्ड में 45 पेटी शराब और एक लावारिस स्कॉर्पियो की जब्ती दर्ज हुई है। पुलिस और आबकारी की संयुक्त टीमें अब स्कॉर्पियो के रजिस्ट्रेशन नंबर और अन्य सुरागों के जरिए आरोपियों की पहचान में लगी हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस अंतरराज्यीय तस्करी का असली सच तभी सामने आएगा, जब मुख्य नेटवर्क और फरार तस्करों की गिरफ्तारी होगी।


