स्वतंत्र बोल
रायगढ़ 19 अप्रैल 2026:गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन अब सिर्फ खोई हुई चीज नहीं रहे, बल्कि कई छिपे हुए राज उजागर करने का जरिया बनते जा रहे हैं। रायगढ़ पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई में 128 मोबाइल फोन रिकवर कर उनके असली मालिकों को सौंपे, जिससे न सिर्फ लोगों की मुस्कान लौटी बल्कि साइबर ट्रैकिंग की ताकत भी सामने आई।
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पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित इस कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह, एडिशनल एसपी अनिल कुमार सोनी, साइबर डीएसपी उन्नति ठाकुर, साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक विजय चेलक और उनकी टीम मौजूद रही। बरामद किए गए मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपे गए, जिनमें से कई लोग ऐसे थे जिन्होंने अपने फोन मिलने की उम्मीद पूरी तरह छोड़ दी थी।
दरअसल, जिले में गुम मोबाइल की शिकायतों के समाधान के लिए भारत सरकार के दूरसंचार विभाग द्वारा विकसित CEIR पोर्टल का इस्तेमाल किया जा रहा है। जैसे ही कोई व्यक्ति इस पोर्टल पर अपने मोबाइल की जानकारी दर्ज करता है, संबंधित सिम ब्लॉक कर दी जाती है और मामला साइबर थाना तक पहुंच जाता है। इसके बाद पुलिस मोबाइल को ट्रैकिंग में रखती है और जैसे ही उसमें कोई नई गतिविधि सामने आती है, तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी जाती है।
इसी प्रक्रिया के तहत साइबर टीम ने 128 मोबाइल फोन ट्रेस किए, जो बिहार, कोलकाता और छत्तीसगढ़ के कई जिलों जैसे कोरबा, जांजगीर सहित रायगढ़ के धरमजयगढ़, घरघोड़ा, पूंजीपथरा, तमनार, छाल और खरसिया क्षेत्रों में उपयोग हो रहे थे। पुलिस ने संबंधित उपयोगकर्ताओं तक पहुंचकर ये मोबाइल वापस हासिल किए।
बरामद मोबाइल में वीवो, ओप्पो, रेडमी, पोको, रियलमी, वनप्लस, सैमसंग और मोटोरोला जैसे महंगे ब्रांड शामिल हैं, जिनकी कुल कीमत 25 लाख 60 हजार रुपये से अधिक बताई गई है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने इस मौके पर कहा कि आज के समय में मोबाइल सिर्फ बातचीत का साधन नहीं, बल्कि बैंकिंग, जरूरी दस्तावेज और व्यक्तिगत यादों का अहम हिस्सा बन चुका है। ऐसे में मोबाइल का गुम होना किसी के लिए भी बड़ा नुकसान होता है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी अन्य का गुम मोबाइल इस्तेमाल करना गैरकानूनी है और ऐसा करने वालों पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
कार्यक्रम के दौरान मोबाइल वापस मिलने पर कई लोग भावुक हो उठे। जिन उम्मीदों को उन्होंने छोड़ दिया था, वो अचानक हकीकत बन गई। लोगों ने पुलिस टीम का आभार जताया और इस खुशी के पल को यादगार बनाने के लिए उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं।
इस पूरी कार्रवाई में साइबर डीएसपी उन्नति ठाकुर के निर्देशन में निरीक्षक विजय चेलक और उनकी टीम के कई अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिनकी सतर्कता और तकनीकी दक्षता ने यह संभव बनाया।
