पार्षदों का छलका दर्द..अधिकारी फोन तक नहीं उठाते, राजधानी के कई वार्डों में बदहाल जलापूर्ति से मचा हाहाकार

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स्वतंत्र बोल
रायपुर 2 नवंबर 2026:
आमतौर पर त्योहारी सीजन में नगर निगम लोगों को बेहतर सुविधाएं देने का दावा करता है, लेकिन अभी दिवाली की खरीदारी और साफ-सफाई के बीच रायपुर की एक बड़ी आबादी पानी की किल्लत से जूझ रही है। दैनिक भास्कर की पड़ताल में सामने आया है कि शहर के 10 से ज्यादा वार्डों में पानी की सप्लाई बेहद कम और लो प्रेशर से हो रही है। कबीर नगर, अशोक नगर, प्रीतम नगर, साई नगर, डीडॉगरी, एकता नगर, भनपुरी और मोवा समेत कई इलाकों में नलों से पर्याप्त पानी नहीं आ रहा है, जिससे लोगों को रोजमर्रा के कामों के लिए भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।

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पानी टंकियां पूरी न भरना और लीकेज बनी मुख्य वजह

विभिन्न इलाकों में पानी की इस समस्या की सबसे बड़ी वजह टंकियों का पूरा न भरना और वितरण प्रणाली में खामियां होना है। जोन-8 के इलाकों में स्थिति सबसे खराब है, जहां गोगांव में पानी ठीक से नहीं पहुंच पा रहा है। जोन-1 और जोन-9 के वार्डों में भी जलापूर्ति प्रभावित है। गोगांव की पानी टंकी रोजाना सिर्फ 70 से 73 प्रतिशत ही भर पा रही है, जिससे प्रेशर कम रहता है। इसके अलावा कई जगहों पर पाइपलाइन लीकेज और खराब वॉल्व के कारण भी पानी बर्बाद हो रहा है या गंदा पानी घरों तक पहुंच रहा है।

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निस्तारी के लिए तालाब जाने की मजबूरी

पंडित जवाहर लाल नेहरू वार्ड-2 की एकता नगर कॉलोनी में पिछले 8 महीनों से लो प्रेशर की समस्या बनी हुई है। स्थानीय निवासी रमाकांत साहू और सीमा नायक का कहना है कि बमुश्किल पीने का पानी मिल पाता है, जबकि कपड़े धोने और अन्य निस्तारी कार्यों के लिए उन्हें तालाब तक जाना पड़ रहा है। बंजरपारा, खमतराई और भनपुरी में भी कमोबेश यही हाल है।

पार्षदों की नाराजगी और निगम अधिकारियों की सफाई

स्थानीय पार्षदों का आरोप है कि अधिकारी उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। जोन-8 के अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि कई इलाकों में लो प्रेशर की समस्या लगातार बनी हुई है। वहीं, भनपुरी में शिकायत बढ़ने पर रविवार को जल कार्य विभाग की टीम ने टंकी की जांच की, जहां वॉल्व में कचरा फंसा मिला था जिसे बाद में साफ किया गया। जलकार्य विभाग के ईई नरसिंग फरेंद्र का कहना है कि जहां भी पानी की कमी या लो प्रेशर की शिकायत मिल रही है, वहां तुरंत जांच कराकर लीकेज और अन्य कमियों को सुधारा जा रहा है।