स्वतंत्र बोल
रायपुर 16 अक्टूबर 2026 : रायपुर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में कपड़ा कारोबारी के 53 लाख रुपये से भरे बैग की उठाईगिरी के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पूरी रकम बरामद करने का दावा किया है। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने नकदी का कुछ हिस्सा गीजर के अंदर, टीवी के पीछे और बच्चों के खिलौनों में छिपाया था। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल पल्सर मोटरसाइकिल, दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं और आरोपियों के तीन बैंक खाते फ्रीज कराए हैं।
पान खाने रुका कारोबारी, एक्टिवा से गायब हुआ 53 लाख का बैग
पुलिस के मुताबिक, शैलेंद्र नगर निवासी किशोर बलवानी की पंडरी कपड़ा मार्केट में रेडीमेड कपड़ों की दुकान है। 9 अक्टूबर 2026 को सुबह करीब 11:40 बजे वह अपनी एक्टिवा से दुकान जाने के लिए घर से निकला था। वाहन के सामने वाले पायदान पर सफेद कपड़े के बैग में नकदी रखी थी।
करीब 11:45 बजे वह कटोरा तालाब स्थित संत कंवर राम चौक के पास अप्पू पान ठेला के सामने एक्टिवा खड़ी कर पान खाने चला गया। वापस लौटा तो पायदान पर रखा नकदी से भरा बैग गायब था। अज्ञात आरोपी बैग लेकर फरार हो चुके थे। शिकायत के बाद सिविल लाइन थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
एक सप्ताह तक कारोबारी की रेकी करते रहे आरोपी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त तारकेश्वर पटेल के निर्देशन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा सिविल लाइन थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने जांच शुरू की।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने वारदात से पहले करीब एक सप्ताह तक कारोबारी की गतिविधियों पर नजर रखी थी। वे उसके घर से दुकान आने-जाने के समय और रोजमर्रा की गतिविधियों की रेकी कर रहे थे। 9 अक्टूबर को कारोबारी के घर से निकलने के बाद दोनों ने उसका पीछा किया। कटोरा तालाब के पास मौका मिलते ही वे नकदी से भरा बैग लेकर फरार हो गए।
हजारों CCTV फुटेज खंगालकर आरोपियों तक पहुंची पुलिस
वारदात के बाद पुलिस ने घटनास्थल और आरोपियों के संभावित भागने के रास्तों पर लगे हजारों सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज में बिना नंबर प्लेट की पल्सर मोटरसाइकिल पर दो संदिग्ध दिखाई दिए।
पुलिस ने एक कैमरे से दूसरे कैमरे के फुटेज का क्रमवार विश्लेषण कर संदिग्धों की गतिविधियों का पता लगाया। जांच में सामने आया कि आरोपी पहचान छिपाने के लिए बार-बार कपड़े बदल रहे थे। वे सीसीटीवी कैमरों से बचने के लिए वैकल्पिक रास्तों का भी इस्तेमाल कर रहे थे।
तकनीकी साक्ष्यों और अन्य जानकारियों के आधार पर पुलिस ने दोनों संदिग्धों की पहचान मनीष यदु (39) और कमलेश कुशवाहा (36) के रूप में की। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में दोनों ने वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया।
गीजर, टीवी के पीछे और बच्चों के खिलौनों में छिपाई नकदी
पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद आरोपियों ने चोरी की रकम घर में अलग-अलग जगहों पर छिपा दी थी। नकदी का कुछ हिस्सा गीजर के अंदर, टीवी के पीछे और बच्चों के खिलौनों में रखा गया था।
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने कुल 53 लाख रुपये बरामद किए। जांच में यह भी सामने आया कि रकम का कुछ हिस्सा आरोपियों ने अपने तीन बैंक खातों में जमा कराया था। पुलिस ने इन खातों को फ्रीज करा दिया है। वारदात में इस्तेमाल पल्सर मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले भी दर्ज रहे हैं मामले
पुलिस के अनुसार, मनीष यदु पिता शत्रुघन लाल यदु, निवासी गुरु कृपा किराना स्टोर के पास, सेक्टर-2 डीडी नगर के खिलाफ सिविल लाइन थाने में मारपीट और जुआ एक्ट से जुड़े मामले दर्ज रहे हैं। वह इन मामलों में जेल भी जा चुका है। वर्ष 2012 में उसके खिलाफ आजाद चौक थाने में नकदी लूट की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने के मामले में भी कार्रवाई की गई थी।
दूसरे आरोपी कमलेश कुशवाहा पिता शिवनाथ कुशवाहा, निवासी भारत माता स्कूल चर्च के पास, टाटीबंध को भी पहले सिविल लाइन थाना क्षेत्र में मारपीट से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है।


