माइक, PPT और 1 घंटे की क्लास! इंदौर में प्रोफेसर बने राहुल गांधी ने ‘सिस्टम बनाम स्टूडेंट’ पर क्या-क्या कहा?

1

स्वतंत्र बोल
इंदौर 20 सितंबर 2026: 
 कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान पारंपरिक राजनीतिक भाषणबाजी के बजाय एक प्रोफेसर की तरह हाथ में माइक, पीछे पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन (PPT) और वीडियो क्लिप्स के जरिए हजारों छात्रों से सीधा संवाद किया। शाम करीब 7 बजे शुरू हुई यह विशेष ‘क्लास’ पूरे एक घंटे तक चली, जिसे राहुल गांधी ने ‘सिस्टम बनाम स्टूडेंट’ के तहत चार मुख्य चैप्टर्स में बांटकर प्रस्तुत किया। इंदौर का यह आयोजन राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ अभियान का पांचवां पड़ाव था, जहां उन्होंने प्रदेशभर से आए छात्रों और उनके परिजनों की समस्याएं सुनीं तथा केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।

ad

चैप्टर 1: छात्र दबाव में हैं और शिक्षा सबकी पहुंच में नहीं

youtube

राहुल गांधी ने पहले चैप्टर में कहा कि छात्रों की शिक्षा और माहौल देश के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हैं, लेकिन आज छात्र भारी दबाव में हैं और शिक्षा हर बच्चे की पहुंच में नहीं रही। इस दौरान राजगढ़ की सपना गुर्जर ने बताया कि मध्य प्रदेश में ओबीसी आरक्षण के कारण 13% पद रोके जाने से परीक्षा पास करने के बावजूद करीब 10 हजार युवाओं को नियुक्ति नहीं मिल सकी है। वहीं, यशिका दानी ने राज्य में नर्सिंग शिक्षा की बदहाली का मुद्दा उठाते हुए कहा कि परीक्षाएं समय पर नहीं हो रही हैं और रिजल्ट भी देरी से जारी किए जा रहे हैं।

चैप्टर 2: सवाल पूछने वाले छात्रों से असहज है सिस्टम

दूसरे चैप्टर में राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार सवाल पूछने वाले छात्रों को पसंद नहीं करती और ‘अंधभक्त’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए कहा कि सवाल न उठाने वाले लोग सरकार के लिए अधिक स्वीकार्य होते हैं। इस दौरान उन्होंने कुछ वीडियो क्लिप्स भी दिखाईं। राहुल गांधी ने दिल्ली में छात्र की मौत से जुड़ी एक वीडियो क्लिप दिखाने के बाद मृत छात्र के पिता और बहन को मंच पर बुलाया, जहां पिता ने बेटे की मौत को महज हादसा नहीं बल्कि व्यवस्था की विफलता करार दिया। राहुल गांधी ने दिल्ली हादसे में मारे गए देवास के अर्पित जाज के दादा से भी बात की। इसी मुद्दे पर उज्जैन की राधा मालवीय ने बताया कि शहरों में पढ़ाई महंगी होती जा रही है, जहां मकान का किराया हर साल 10% बढ़ता है जबकि आवास भत्ता महज 2 हजार रुपये महीना है।

चैप्टर 3: सिस्टम को प्रभावित करने वाले 6 चेहरे

तीसरे चैप्टर में राहुल गांधी ने देश के सिस्टम को प्रभावित करने वाले छह प्रमुख लोगों का जिक्र करते हुए उन पर सिस्टम पर कब्जा करने का आरोप लगाया:

  • नरेंद्र मोदी (प्रधानमंत्री): राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सिस्टम के शीर्ष पर बैठे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छात्रों पर डर और नियंत्रण का इस्तेमाल करते हैं।

  • अमित शाह (गृह मंत्री): राहुल गांधी ने उन्हें सिस्टम का ‘एनफोर्सर’ बताया और छात्र प्रदर्शनों में पुलिस कार्रवाई के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने सवाल उठाया कि सचिन तेंदुलकर जैसे क्रिकेटरों के रहते अमित शाह के बेटे को क्रिकेट प्रशासन में शीर्ष पद कैसे मिला।

  • अजीत डोभाल (NSA): राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल छात्रों के फोन की निगरानी और नियंत्रण करते हैं।

  • मोहन भागवत (RSS प्रमुख): उन्होंने आरोप लगाया कि संघ से जुड़े संस्थानों को स्कूल और कॉलेज चलाने के लिए हजारों करोड़ रुपये दिए जा रहे हैं।

  • गौतम अडानी और मुकेश अंबानी: राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि देश का कारोबार कथित तौर पर कुछ बड़े समूहों तक क्यों सिमट रहा है और इसमें अडानी-अंबानी की क्या भूमिका है।

चैप्टर 4: घटा शिक्षा बजट और अरबपतियों को मिला फायदा

चैप्टर चार में राहुल गांधी ने PPT के जरिए आंकड़े पेश करते हुए दावा किया कि 2014 में कुल बजट का 4.6% हिस्सा शिक्षा पर खर्च होता था, जो अब घटकर 2.6% रह गया है। उन्होंने दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में 1.5 करोड़ बच्चों की स्कॉलरशिप बंद हुई है, देश में शिक्षकों के करीब 10 लाख पद खाली हैं और पिछले 11 वर्षों में शिक्षा पर खर्च होने वाले 7.7 लाख करोड़ रुपये का फायदा अरबपतियों को मिला है। इस दौरान खरगोन की एक आदिवासी छात्रा ने पूछा कि अगर सरकार प्रभावशाली लोगों को रियायती दर पर जमीन दे सकती है तो गरीबों को सस्ती शिक्षा क्यों नहीं मिल सकती, जबकि 2023 में शिक्षक भर्ती परीक्षा पास कर चुकी एक अन्य युवती ने अब तक नियुक्ति न मिलने पर सरकार की नीति पर सवाल उठाए।