मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मिले महाराष्ट्र के जनप्रतिनिधि, 3100 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदी और किसान हितैषी योजनाओं को बताया अनुकरणीय

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रायपुर 19 जून 2026 : किसानों के हित में बनाई गई योजनाओं और रिकॉर्ड धान खरीदी व्यवस्था के दम पर छत्तीसगढ़ का कृषि मॉडल अब दूसरे राज्यों के लिए भी मिसाल बनता जा रहा है। यही वजह है कि महाराष्ट्र के विधायक प्रतिनिधिमंडल ने राजधानी रायपुर पहुंचकर छत्तीसगढ़ की कृषि नीतियों, धान खरीदी व्यवस्था और किसान कल्याण योजनाओं का अध्ययन किया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से सौजन्य मुलाकात कर कृषि क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों और सुधारों की विस्तृत जानकारी ली।

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मुख्यमंत्री निवास में हुई बैठक के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रतिनिधिमंडल का आत्मीय स्वागत किया और बस्तर की समृद्ध आदिवासी कला एवं संस्कृति के प्रतीक बस्तर आर्ट का स्मृति चिन्ह भेंट किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है और यहां की बड़ी आबादी खेती-किसानी पर निर्भर है। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को लाभकारी बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

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3100 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदी बना आकर्षण का केंद्र

मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि राज्य सरकार किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी कर रही है। खरीफ विपणन वर्ष में लगभग 141 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया है, जो देश के सबसे बड़े धान खरीदी अभियानों में शामिल है।

उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में करीब 2700 धान उपार्जन केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां पारदर्शी और सुव्यवस्थित तरीके से खरीदी की जाती है। साथ ही धान के सुरक्षित भंडारण के लिए गोदामों और संग्रहण केंद्रों का व्यापक नेटवर्क विकसित किया गया है।

तकनीक आधारित व्यवस्था से किसानों को मिल रही राहत

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार का लक्ष्य किसानों को उपज बेचने की पूरी प्रक्रिया को सरल और परेशानी मुक्त बनाना है। इसके लिए पंजीयन, तौल, परिवहन और भुगतान तक की व्यवस्था को तकनीक आधारित बनाया गया है। किसानों को समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के साथ-साथ कृषक उन्नति योजना सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि खेती के साथ पशुपालन, मत्स्य पालन और अन्य आयवर्धक गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आमदनी में लगातार वृद्धि हो रही है।

महाराष्ट्र के विधायकों ने कहा- सीखने लायक है छत्तीसगढ़ मॉडल

बैठक के दौरान महाराष्ट्र के विधायक प्रतिनिधिमंडल ने छत्तीसगढ़ की धान खरीदी व्यवस्था और प्रशासनिक प्रबंधन की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के सीमावर्ती जिलों में बड़ी संख्या में किसान धान की खेती करते हैं और छत्तीसगढ़ का मॉडल किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण का सफल उदाहरण बनकर उभरा है।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि किसानों को बेहतर मूल्य उपलब्ध कराने और खरीदी प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए छत्तीसगढ़ में किए गए प्रयास अनुकरणीय हैं। वे इस मॉडल के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर महाराष्ट्र के धान उत्पादक क्षेत्रों में भी ऐसे प्रयोगों को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे।

राज्यों के बीच अनुभवों का आदान-प्रदान जरूरी : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्यों के बीच सफल योजनाओं और अनुभवों का आदान-प्रदान देश के कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि ऐसे अध्ययन भ्रमण से राज्यों को एक-दूसरे की सफल पहलों से सीखने और उन्हें स्थानीय जरूरतों के अनुसार लागू करने का अवसर मिलता है।

बैठक में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, महाराष्ट्र के विधायक डॉ. परिणय फुके, विनोद अग्रवाल, राजू कारेमोरे, संजय पुराम, मार्कफेड अध्यक्ष शशिकांत द्विवेदी, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।