स्वतंत्र बोल
रायपुर , 01 मई 2026: रायपुर में बोरे-बासी दिवस को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कांग्रेस के इस आयोजन पर तंज कसते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में बोरे-बासी दिवस मनाने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि गांवों में लोग इसे रोज खाते हैं।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के आयोजन करके कुछ लोग खुद को ज्यादा छत्तीसगढ़िया दिखाने की कोशिश करते हैं, जबकि असल में यह यहां की सामान्य जीवनशैली का हिस्सा है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस छिड़ गई है।
इसी बीच प्रदेश में साय सरकार ने सुशासन तिहार की शुरुआत भी कर दी है। मुख्यमंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि यह तिहार 10 जून तक मनाया जाएगा। इस दौरान ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में शिविर लगाए जाएंगे, जहां आम जनता की समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस अभियान में वे स्वयं और अन्य जनप्रतिनिधि भी शामिल होंगे, ताकि लोगों की शिकायतों को मौके पर ही सुना और हल किया जा सके। सरकार का दावा है कि इस पहल के जरिए प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित होगा।
एक तरफ बोरे-बासी दिवस को लेकर सियासी तकरार है, तो दूसरी ओर सरकार अपने सुशासन तिहार के जरिए जनता तक पहुंचने की तैयारी में है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि इस मुद्दे पर राजनीति और कितना गर्माती है।
