स्वतंत्र बोल
भोपाल 15 अक्टूबर 2026: मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में लंबे समय से रुकी पदोन्नति की प्रक्रिया एक बार फिर शुरू हो गई है। पुलिस मुख्यालय (PHQ) की कार्मिक शाखा ने चयन वर्ष 2027 के लिए चयन प्रक्रिया तेज करते हुए सभी पुलिस इकाइयों से संबंधित 128 पुलिसकर्मियों का सेवा रिकॉर्ड तलब किया है। यह पूरी प्रक्रिया ‘मध्यप्रदेश लोक सेवा पदोन्नति नियम 2025’ के तहत की जा रही है। सभी संबंधित इकाइयों को निर्देश दिए गए हैं कि वे कर्मचारियों का पूरा सर्विस रिकॉर्ड निर्धारित फॉर्मेट में 16 अक्टूबर तक अनिवार्य रूप से मुख्यालय भेज दें।
सिपाही से लेकर निरीक्षक स्तर तक के कर्मियों को मिलेगा लाभ
विभाग में करीब डेढ़ साल से रुकी कार्यवाहक पदोन्नति प्रक्रिया के शुरू होने से हजारों पुलिसकर्मियों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है। पीएचक्यू द्वारा मांगे गए विवरण में कर्मचारियों की नियुक्ति की तारीख, वरिष्ठता, पिछले प्रमोशन, गृह जिला, शैक्षणिक योग्यता और विभागीय कार्रवाई का पूरा रिकॉर्ड मांगा गया है। इसके अलावा कर्मचारियों द्वारा लिए गए विभागीय प्रशिक्षणों की जानकारी भी तय फॉर्मेट में भेजी जानी है ताकि वरिष्ठता और पात्रता की सही जांच हो सके।
संवर्गवार देखें चयनित 128 नामों के आंकड़े
पुलिस मुख्यालय द्वारा तैयार सूची के अनुसार विभिन्न संवर्गों से कुल 128 नाम शामिल किए गए हैं:
-
सहायक उप निरीक्षक (ASI): इस संवर्ग के लिए सबसे ज्यादा 55 नाम चयनित किए गए हैं, जो कुल लिस्ट का करीब 43 प्रतिशत हिस्सा है।
-
कनिष्ठ श्रेणी स्टेनोग्राफर: 30 नाम
-
वरिष्ठ श्रेणी स्टेनोग्राफर: 13 नाम
-
उप निरीक्षक (SI): 20 नाम
-
सूबेदार: 10 नाम
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए नियमों में राहत
इस बीच राज्य सरकार ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए भी नियमों में अहम बदलाव किया है। सहायक ग्रेड-3 पर प्रमोशन के मामले में अब पदोन्नति की तारीख तक 45 वर्ष की आयु पूरी कर चुके कर्मचारियों को CPCT स्कोर कार्ड की अनिवार्यता से छूट दे दी गई है, हालांकि कंप्यूटर की बुनियादी योग्यता होना जरूरी रहेगा। साथ ही अन्य पात्र कर्मचारियों को भी अपनी जरूरी योग्यता पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय मिल सकेगा।


