6 साल से कार्रवाई का इंतजार? गंगरेल में विस्थापितों का जल सत्याग्रह जारी

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स्वतंत्र बोल
धमतरी 15 अक्टूबर 2026: गंगरेल बांध में लंबित भूमि आवंटन और अधिकारों की मांग को लेकर 12 अक्टूबर से जल सत्याग्रह कर रहे 9 बुजुर्गों की तबीयत बिगड़ गई। आंदोलन के तीसरे दिन पैर और कमर में दर्द के साथ चक्कर आने की शिकायत के बाद उन्हें एंबुलेंस से धमतरी जिला अस्पताल ले जाया गया। इलाज के बाद सभी प्रदर्शन स्थल पर लौट आए और अपना विरोध जारी रखा।

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अस्पताल में इलाज के बाद फिर लौटे प्रदर्शन स्थल

जल सत्याग्रह गंगरेल बांध के बोटिंग पॉइंट पर चल रहा है। आंदोलनकारी लगातार पानी में रहकर अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना दे रहे हैं। तीन दिन तक पानी में रहने के बाद कुछ बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर असर पड़ा।

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जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. आदित्य सिन्हा ने बताया कि अस्पताल लाए गए सभी 9 लोगों का इलाज किया गया। फिलहाल सभी खतरे से बाहर हैं। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक पानी में रहने से उनके स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।

इन 9 लोगों की बिगड़ी तबीयत

तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल ले जाए गए लोगों में किसनपुरी की लक्ष्मी पटेल (60), भारती पटेल, भटगांव के कृपाराम सिन्हा (82), मड़वापथरा के चंद्रहास मंडावी (75), बनबगौद के शंभू राम (65), डोमपदर बेलर के हलाल मरकाम (60), नवागांव बेलर के इंदल सिंह नेताम (57), कोलियारी तिर्रा के पुरुषोत्तम मंडावी (48) और सलना की राजकुमारी (47) शामिल हैं।

भूमि आवंटन और अधिकारों के लिए आंदोलन

गंगरेल बांध के डूब प्रभावित लंबित भूमि आवंटन और अपने अधिकारों की मांग को लेकर यह आंदोलन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के आदेश के बावजूद प्रशासन की ओर से पिछले छह साल से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई है। इसी के विरोध में जल सत्याग्रह के साथ अनिश्चितकालीन धरना जारी है।