21 साल बाद लौटी सरकारी बस सेवा, 7 शहरों से शुरुआत; 2031 तक 15 हजार बसों का लक्ष्य

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स्वतंत्र बोल
भोपाल 25 सितंबर 2026:
मध्यप्रदेश में 21 साल बाद सरकारी बस सेवा की वापसी हुई है। भोपाल के भेल दशहरा मैदान में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का शुभारंभ किया। नई सेवा के तहत 351 बसें 7 शहरों में इंटरसिटी और इंट्रासिटी सेवा देंगी। इसका उद्देश्य शहरों के साथ गांवों को भी बेहतर बस कनेक्टिविटी से जोड़ना है। नई सेवा के तहत 180 इलेक्ट्रिक बसें भी सड़कों पर उतारी गई हैं। बसों में आधुनिक सुविधाओं के साथ सुरक्षा और रियल टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था रहेगी।

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75% ग्राम पंचायतों तक बस सेवा पहुंचाने का लक्ष्य

सरकार ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों को भी बस कनेक्टिविटी से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों तक बस सेवा पहुंचाने की योजना है। इंटरसिटी और इंट्रासिटी बस सेवा के जरिए शहरों और आसपास के क्षेत्रों के बीच परिवहन सुविधा को बेहतर करने की योजना है।

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पहले साल 1,500 बसें चलाने की तैयारी

सरकार ने पहले साल 1,500 बसें चलाने का लक्ष्य रखा है। इसके बाद बसों की संख्या लगातार बढ़ाने की योजना है। 2031 तक बसों की संख्या 15 हजार करने का लक्ष्य रखा गया है। सेवा PPP मॉडल पर संचालित होगी। इसमें निजी ऑपरेटर भी शामिल होंगे। निजी ऑपरेटरों को बस संचालन के अलावा विज्ञापन और कार्गो के जरिए अतिरिक्त आय के अवसर भी मिलेंगे।

इलेक्ट्रिक बसों पर भी जोर

नई सेवा में 180 इलेक्ट्रिक बसें शामिल की गई हैं। सरकार की योजना आधुनिक सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था के साथ बस सेवा संचालित करने की है। बसों में रियल टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था भी रहेगी। इससे बसों की निगरानी की जा सकेगी।