स्वतंत्र बोल
रायपुर 28 अगस्त 2025: राजधानी रायपुर और आसपास के 120 गांवों में जमीन की खरीदी-बिक्री और बटांकन पर रोक लगा दी गई है। 5 प्रोजेक्टों के निर्माण के लिए लगी रोक की वजह से तकरबीन तीन हजार से ज्यादा किसान अपनी जमीन न तो बेच पा रहे हैं और न ही खरीद पा रहे हैं। करीब दो महीने से यह रोक प्रभावी है।
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जिसकी वजह से ग्रामीणों के कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। अपर कलेक्टर कीर्तिमान सिंह राठौर ने बताया कि शासन के परिपत्र के अनुसार किसी भी विभाग को प्रोजेक्ट के लिए भूमि अधिग्रहण का आशय पत्र मिलते ही खरीदी-बिक्री रोकना अनिवार्य है। इसी कड़ी में अब तक पांच बड़े प्रोजेक्ट सामने आए हैं।
नवा रायपुर में 12.5 किमी नई सड़क, जमीन खरीदी-बिक्री पर रोक
रायपुर के नवा रायपुर के लेयर वन और टू में 12.5 किमी लंबी नई सड़क बनाई जा रही है, जो पलौद, कोटनी, तांदुल, पीता, बंजारी और कुरूं गांवों से होकर गुजरेगी। सड़क निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण किया जाएगा। मुआवजे से पहले जमीन की खरीदी-बिक्री, नामांतरण और डायवर्सन पर रोक लगा दी गई है, ताकि भारतमाला प्रोजेक्ट की तरह फर्जीवाड़ा न हो। कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने कहा कि मुआवजा के समय सभी दस्तावेजों की गहन जांच होगी और गड़बड़ी मिलने पर भुगतान रोका जाएगा।

खरसिया, नवा रायपुर परमलकसा रेल लाइन
पहला प्रोजेक्ट खरसिया, नया रायपुर परमलकसा रेल लाइन है। यह तिल्दा, आरंग, अभनपुर और खरोरा ब्लाक के 35 गांवों से होकर गुजरेगी। गांवों की भूमि पर लगी खरीदी-बिक्री की रोक जल्द ही हटाई जाएगी। रेलवे ने भरोसा दिलाया है। प्रोजेक्ट का फाइनल ट्रेस मैप बनाकर राज्य के राजस्व विभाग को सौंप दिया गया है। जल्द ही रेलवे लाइन के दोनों ओर निर्धारित 10-10 मीटर जमीन को सुरक्षित रखते हुए बाकी भूमि पर से रोक हटा दी जाएगी।
