स्वतंत्र बोल
नई दिल्ली 22 सितम्बर 2026 : भारत और जापान के बीच खेले गए ऐतिहासिक क्रिकेट मुकाबले में भारतीय टीम ने रोमांचक मोड़ पर जापान को महज 2 रन से हरा दिया। भारत और जापान के कूटनीतिक रिश्तों के 75 साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित इस विशेष मैच में रोमांच की सारी हदें पार हो गईं। 5 ओवर में मिले 33 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए जापान की टीम 30 रन ही बना सकी, लेकिन भारत की इस जीत में मैच के आखिरी ओवर में हुआ हाईवोल्टेज ड्रामा सबसे अहम साबित हुआ।
जापान की पारी का आखिरी ओवर भारतीय स्पिनर अक्षर पटेल फेंक रहे थे। उस समय जापान को जीत के लिए 4 गेंदों में 6 रन की दरकार थी। अक्षर की तीसरी गेंद को ऑन-फील्ड अंपायर क्रिस थर्गेट ने वाइड करार दे दिया। इसके बाद जब अक्षर ने दोबारा तीसरी गेंद फेंकी, तो अंपायर ने उसे भी वाइड दे दिया। लगातार दूसरी बार वाइड दिए जाने से गेंदबाज अक्षर पटेल और विकेटकीपर संजू सैमसन बेहद नाराज हो गए और उन्होंने अंपायर के सामने खुलकर अपनी असहमति जताई।
कप्तान श्रेयस अय्यर ने अंपायर से की बहस, बदला फैसला
अपने खिलाड़ियों को नाराज देखकर कप्तान श्रेयस अय्यर तुरंत स्क्वॉयर लेग पर तैनात अंपायर क्रिस ब्राउन के पास पहुंचे और उनसे बातचीत की। श्रेयस अय्यर के कड़ा रुख अपनाने और आवाज उठाने के बाद अंपायर क्रिस ब्राउन ने दूसरे अंपायरों से चर्चा की। हालांकि ऑन-फील्ड अंपायर पहले अपने फैसले पर अड़े रहे, लेकिन बहस के बाद उन्होंने अचानक फैसला पलट दिया और गेंद को लीगल घोषित कर दिया।
अंपायर के फैसले से बदला मैच का रुख
यदि अंपायर ने अपना फैसला नहीं बदला होता, तो जापान को एक अतिरिक्त रन और एक अतिरिक्त गेंद मिलती। ऐसे में जापान को जीत के लिए 4 गेंदों में 5 रन बनाने होते और उनके लिए मुकाबला आसान हो सकता था। हालांकि फैसला पलटने से जापान को अतिरिक्त गेंद और रन नहीं मिला, जिससे मैच का रुख पूरी तरह भारत के पक्ष में मुड़ गया और भारतीय टीम ने 2 रन से जीत दर्ज कर ली।


