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दुर्ग 17 सितम्बर 2026 : पुलिस ने साइबर ठगी और ऑनलाइन सट्टे के वित्तीय नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जिले में 3,162 म्यूल बैंक खातों की पहचान की है। इनमें से 63 FIR में 1,668 खातों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की गई है। इन मामलों में अब तक 257 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस ने साइबर ठगी और ऑनलाइन सट्टे से जुड़े मामलों की 2.75 करोड़ रुपये से अधिक की डिस्प्यूट राशि पर होल्ड लगाकर उसके आगे ट्रांसफर और निकासी को रोका है।
578 खातों का सत्यापन जारी
दुर्ग पुलिस ने 578 म्यूल बैंक खातों के संबंध में सत्यापन और इस्तगासा की कार्रवाई की है। संबंधित खाताधारकों और बैंकिंग जानकारी की जांच की जा रही है। वहीं 916 म्यूल बैंक खाते अभी लंबित हैं। इन खातों से जुड़े तकनीकी और वित्तीय विश्लेषण के आधार पर आगे वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के अनुसार साइबर ठगी और ऑनलाइन सट्टे के मामलों में अवैध धनराशि के लेन-देन के लिए म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे खातों की पहचान के लिए साइबर शिकायतों, बैंकिंग लेन-देन, KYC दस्तावेज, UPI ट्रांजेक्शन और उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है।
कमीशन का लालच देकर लिए जाते हैं खाते
पुलिस के मुताबिक साइबर अपराधी और ऑनलाइन सट्टे से जुड़े लोग कमीशन, आसान कमाई या दूसरे आर्थिक प्रलोभन देकर लोगों के बैंक खाते हासिल करते हैं। इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी और अन्य अवैध गतिविधियों से मिली रकम को जमा करने और अलग-अलग बैंक खातों या डिजिटल माध्यमों से ट्रांसफर करने में किया जाता है।
कुछ मामलों में खाताधारक अपना बैंक खाता दूसरे व्यक्ति को उपलब्ध कराते हैं। वहीं कुछ मामलों में बैंकिंग लेन-देन का संचालन अन्य लोगों द्वारा किया जाता है। पुलिस बैंकिंग रिकॉर्ड, KYC दस्तावेज, UPI ट्रांजेक्शन और दूसरे डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर रकम के प्रवाह और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
ATM कार्ड से लेकर मोबाइल और SIM तक जब्त
प्रकरणवार कार्रवाई के दौरान बैंक खातों से जुड़े अभिलेख, ATM कार्ड, चेकबुक, पासबुक, मोबाइल फोन, SIM कार्ड, KYC दस्तावेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल साक्ष्य नियमानुसार जब्त किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार म्यूल खातों की पहचान, बैंकिंग ट्रांजेक्शन के विश्लेषण, रकम के प्रवाह की जांच और संबंधित लोगों की पहचान की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से चल रही है।
दुर्ग पुलिस ने लोगों से क्या कहा?
दुर्ग पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कमीशन या आसान कमाई के लालच में अपना बैंक खाता किसी दूसरे व्यक्ति को उपलब्ध न कराएं। ATM कार्ड, चेकबुक, पासबुक, मोबाइल SIM, OTP, UPI और इंटरनेट बैंकिंग से जुड़ी जानकारी भी किसी के साथ साझा न करें।
पुलिस ने कहा है कि यदि कोई व्यक्ति बैंक खाता उपलब्ध कराने या कमीशन के बदले बैंकिंग लेन-देन करने का प्रस्ताव देता है तो इसकी सूचना तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल या नजदीकी पुलिस थाने को दें।
कार्रवाई के अहम आंकड़े
| कार्रवाई | संख्या/राशि |
|---|---|
| पहचाने गए म्यूल बैंक खाते | 3,162 |
| 63 FIR में कार्रवाई वाले खाते | 1,668 |
| गिरफ्तार आरोपी | 257 |
| सत्यापन और इस्तगासा वाले खाते | 578 |
| लंबित म्यूल बैंक खाते | 916 |
| डिस्प्यूट राशि पर होल्ड | ₹2,75,50,091 |


