आदिवासी समाज की ताकत पर डॉ. रमन सिंह का बड़ा बयान, फिर मंच से कर दी 10 लाख की घोषणा

स्वतंत्र बोल
रायपुर, 22 जून 2026: छत्तीसगढ़ की राजनीति और सामाजिक सरोकारों के बीच रविवार को उस समय एक महत्वपूर्ण संदेश सामने आया, जब विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने हल्बा समाज को राज्य के सबसे संगठित और जागरूक आदिवासी समुदायों में से एक बताया। इतना ही नहीं, समाज की मांग पर उन्होंने राजनांदगांव के वार्ड क्रमांक 22 रेवाडीह में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 10 लाख रुपये की घोषणा कर दी।

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डॉ. रमन सिंह पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम में आयोजित अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज केंद्रीय कर्मचारी प्रकोष्ठ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण एवं प्रथम सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि समाज की मजबूत संगठनात्मक संरचना ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है, जिसने उसे देशभर में विशिष्ट पहचान दिलाई है।

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उन्होंने कहा कि हल्बा समाज ने अपनी परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों को संजोकर रखने के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण और विकास की यात्रा में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। आदिवासी समाज का इतिहास संघर्ष, समर्पण और सामाजिक चेतना का इतिहास रहा है। स्वतंत्रता संग्राम से लेकर जल, जंगल और जमीन के संरक्षण तक आदिवासी समुदाय ने हमेशा प्रेरणादायी भूमिका निभाई है।

डॉ. सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आदिवासी समाज के सम्मान और विकास को नई दिशा मिली है। जनजातीय गौरव दिवस, एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, वनधन विकास केंद्र, पीएम जनमन योजना और धरती आबा उत्कर्ष ग्राम अभियान जैसी योजनाएं इस प्रतिबद्धता का प्रमाण हैं।

उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व को आदिवासी समाज के गौरव का प्रतीक बताते हुए कहा कि यह पूरे देश के लिए प्रेरणा का विषय है। साथ ही उन्होंने समाज के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों से युवाओं को शिक्षा से जोड़ने, महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने तथा समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में समाज के राष्ट्रीय एवं प्रांतीय पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। सम्मेलन के दौरान सामाजिक एकता, संगठन की मजबूती और समाज के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।