तहसील से जारी हुआ फर्जी प्रमाण पत्र और बन गया जवान… दंतेवाड़ा पुलिस के हत्थे चढ़ा सत्यम दीक्षित!

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दंतेवाड़ा 22 सितम्बर 2026।
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में फर्जी दस्तावेजों के जरिए सरकारी नौकरी हासिल करने का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के रायबरेली निवासी सत्यम दीक्षित ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पहले दंतेवाड़ा का निवास प्रमाण पत्र और आय प्रमाण पत्र हासिल किया। इसके बाद इन्हीं प्रमाण पत्रों का इस्तेमाल CISF भर्ती के दौरान किया और नौकरी हासिल कर ली। पुलिस ने आरोपी को राजस्थान के देवली से गिरफ्तार किया है।

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सत्यापन में दस्तावेजों पर हुआ संदेह

पुलिस के मुताबिक, मामले की जांच के दौरान दस्तावेजों पर संदेह हुआ। इसके बाद निवास और आय प्रमाण पत्रों का सत्यापन कराया गया। राजस्व अधिकारियों और तहसील कार्यालय से प्रमाण पत्रों की जांच कराई गई। सत्यापन में सामने आया कि प्रमाण पत्र हासिल करने के लिए लगाए गए दस्तावेज संदिग्ध और फर्जी थे। इसके बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी।

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CISF में भर्ती के बाद राजस्थान में था पोस्टेड

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि सत्यम दीक्षित CISF में भर्ती होने के बाद राजस्थान के देवली में पोस्टेड है। इसके बाद दंतेवाड़ा पुलिस की टीम आरोपी की तलाश में राजस्थान रवाना हुई। टीम ने देवली पहुंचकर सत्यम दीक्षित को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया। वहां से आरोपी को जेल भेज दिया गया है।

फर्जीवाड़े में और कौन शामिल, जांच जारी

पुलिस का कहना है कि कार्रवाई सिर्फ गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी। पूरे मामले में जांच जारी है। पुलिस यह पता लगा रही है कि आरोपी ने फर्जी दस्तावेज किसकी मदद से बनवाए थे।इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि दंतेवाड़ा जिले के निवास और आय प्रमाण पत्र हासिल करने की प्रक्रिया में किसी और व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं। किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आने पर उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

SP के निर्देश पर हुई कार्रवाई

पूरी कार्रवाई सिटी कोतवाली पुलिस ने SP चंद्र मोहन सिंह के निर्देश पर की। टीम ने एडिशनल SP जितेंद्र खूंटे और SDOP आकांक्षा ठाकुर के मार्गदर्शन में आरोपी को गिरफ्तार किया है।