स्वतंत्र बोल
रायपुर 13 अगस्त 2025: छत्तीसगढ़ राज्य के वक्फ बोर्ड ने राज्य की सभी मस्जिदों और मदरसों और ईदगाहों को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने का निर्देश दिया है। बोर्ड के अध्यक्ष डॉक्टर सलीम राज ने कहा कि इस प्रक्रिया से यह तय होगा कि “कौन देश से प्यार करता है और कौन नहीं।
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राज ने कहा कि इस संबंध में सोमवार को सभी मुतवल्लियों (कार्यवाहकों) को एक पत्र जारी किया गया, जिसमें कहा गया कि तिरंगा “सम्मान और गौरव का प्रतीक” है, जो किसी भी धर्म से जुड़ा नहीं है। मुतवल्लियों को संबोधित पत्र में कहा गया है, “उपरोक्त विषय के अंतर्गत सूचित किया जाता है कि हमारा 78वाँ स्वतंत्रता दिवस इस वर्ष 15 अगस्त 2025 को मनाया जाएगा। इस राष्ट्रीय पर्व के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ स्थित सभी मस्जिदों, मदरसों, ईदगाहों के मुख्य द्वार पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाए। स्वतंत्रता दिवस के महत्व को समझें और देशभक्ति, आपसी एकता और भाईचारे का परिचय देकर इस अवसर की गरिमा बनाए रखें।”

इस तरह का आदेश जारी करने की आवश्यकता पर राज ने कहा कि कुछ मुतवल्लियों के साथ उनकी चर्चा के दौरान उन्होंने तिरंगा फहराने से इनकार कर दिया।
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धर्म से ऊपर है, राष्ट्र
वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा, “तिरंगे का सम्मान किसी भी धर्म से ऊपर है। उन्हें तिरंगा फहराने में समस्या थी और हमें यह आदेश जारी करने के लिए मजबूर होना पड़ा कि हर मस्जिद के मुख्य द्वार के सामने और इमाम, मुतवल्ली या मस्जिद समिति के सदस्यों की मौजूदगी में झंडा फहराया जाए।”
उन्होंने आगे कहा कि जो लोग तिरंगे और देश से प्यार नहीं करते, उन्हें “भारत माता की धरती पर रहने का कोई अधिकार नहीं है”। उन्होंने आगे कहा, “इससे यह स्पष्ट हो जाएगा कि देश से प्यार करने वाले लोग धार्मिक कट्टरपंथियों से अलग हैं।”
