स्वतंत्र बोल
रायपुर 16 अक्टूबर 2026 : छत्तीसगढ़ से 12 अक्टूबर को मानसून की विदाई के साथ ही हवा की गुणवत्ता बिगड़ने लगी है। राज्य के कई शहरों में प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ने लगा है, जिसमें बिलासपुर की हवा सबसे खराब स्थिति में दर्ज की गई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण मंडल की 15 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, बिलासपुर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 111 पहुंच गया है, जो संतोषजनक नहीं माना जाता है। जानकारों के मुताबिक, मानसून के जाते ही दक्षिण-पश्चिमी हवाओं का प्रभाव खत्म हो गया है और वातावरण के शुष्क होने से सड़कों पर धूल के गुबार उड़ रहे हैं, जिससे प्रदूषण में लगातार इजाफा हो रहा है।
सड़कों पर उड़ती धूल और घटती हवा की रफ्तार बनी मुख्य वजह
मौसम में बदलाव और मानसून की विदाई के बाद रात के तापमान में गिरावट आई है, वहीं हवा की गति धीमी होने से प्रदूषक तत्व वातावरण की निचली परतों में जमा होने लगे हैं। राजधानी रायपुर में भी स्थिति बहुत अच्छी नहीं है, जहां 15 अक्टूबर को AQI 75 दर्ज किया गया, जो पिछले साल इसी दिन 64 था। इसके अलावा भिलाई में AQI 62 और कोरबा में 48 दर्ज किया गया है। बिलासपुर और रायपुर जैसे बड़े शहरों में सड़कों के किनारे चल रहे निर्माण कार्यों और ठीक से सफाई न होने के कारण उड़ने वाली धूल हवा को तेजी से प्रदूषित कर रही है।
मौसम में बदलाव के आसार, बारिश की संभावना
बढ़ते प्रदूषण के बीच मौसम विभाग ने राहत की खबर दी है। प्रदेश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। रायपुर, सरगुजा और बस्तर संभाग के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण तटीय तमिलनाडु से ओडिशा तट के पास बंगाल की खाड़ी तक एक द्रोणिका बनी हुई है, जिसके प्रभाव से मौसम में बदलाव आ रहा है। 16 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी जारी की गई है।


