स्वतंत्र बोल
रायपुर 22 अक्टूबर 2026: छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (CG-RERA) ने रायपुर जिले के आरंग स्थित ‘सालासार विहार’ परियोजना में बिना रेरा पंजीयन भूखंड बेचने के मामले में प्रमोटर राजीव सोनी पर 25 लाख रुपये की शास्ति लगाई है। प्राधिकरण के अनुसार, दस्तावेजों और उपलब्ध तथ्यों की जांच में पाया गया कि परियोजना की जमीन को भूखंडों में बांटकर आवश्यक पंजीयन के बिना बेचा गया। इसे भू-संपदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 का उल्लंघन माना गया है।
बिना रेरा पंजीयन भूखंड बेचने पर कार्रवाई
CG-RERA के मुताबिक, आरंग की सालासार विहार परियोजना में भूमि का भूखंडों में विभाजन कर रेरा पंजीयन प्राप्त किए बिना बिक्री की गई। यह अधिनियम की धारा 3 के प्रावधानों के खिलाफ है। प्राधिकरण ने इस उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए अधिनियम की धारा 59 के तहत परियोजना की अनुमानित लागत के आधार पर प्रमोटर पर 25 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है।
किन परियोजनाओं के लिए जरूरी है रेरा पंजीयन?
भू-संपदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 के तहत निर्धारित श्रेणी की रियल एस्टेट परियोजनाओं का रेरा में पंजीयन कराना अनिवार्य है। संबंधित नियमों के तहत पंजीयन के बिना ऐसी परियोजनाओं का विज्ञापन, विपणन या विक्रय नहीं किया जा सकता। रेरा पंजीयन का उद्देश्य खरीदारों को परियोजना की वैधानिक स्थिति, विकास से जुड़ी जानकारी और अन्य जरूरी विवरण उपलब्ध कराना है। इससे संपत्ति खरीदने वालों के हितों की सुरक्षा और रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।
प्लॉट खरीदने से पहले ऐसे करें जांच
CG-RERA ने आम नागरिकों और संपत्ति खरीदारों से अपील की है कि किसी भी आवासीय या भूखंड परियोजना में निवेश करने से पहले उसका रेरा पंजीयन जरूर जांचें। खरीदारों को परियोजना का पंजीयन क्रमांक, प्रमोटर का विवरण और अन्य जरूरी जानकारियों का सत्यापन करना चाहिए। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि नियमों का पालन नहीं करने वाले प्रमोटरों के खिलाफ अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।
CG-RERA की वेबसाइट पर मिलेगी जानकारी
खरीदार छत्तीसगढ़ रेरा की आधिकारिक वेबसाइट https://rera.cgstate.gov.in पर जाकर परियोजनाओं के पंजीयन से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। प्राधिकरण के अनुसार, रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना तथा भूखंड एवं आवास खरीदारों के अधिकारों की रक्षा करना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है।


