स्वतंत्र लोक
नई दिल्ली 27 सितम्बर 2026 : वैदिक ज्योतिष के अनुसार 2 अक्टूबर 2026 को बुध और मंगल के बीच 90 डिग्री का कोण बनेगा। ज्योतिष में इसे केंद्र दृष्टि कहा जाता है। बुध को बुद्धि, तर्क, वाणी और व्यापार का कारक माना जाता है, जबकि मंगल ऊर्जा, साहस, पराक्रम और त्वरित निर्णय से जुड़े हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस स्थिति का असर मिथुन, कन्या, वृश्चिक और मकर राशि के जातकों पर देखने को मिल सकता है।
क्या होती है बुध-मंगल की केंद्र दृष्टि?
ज्योतिष शास्त्र में जब दो ग्रह एक-दूसरे से चतुर्थ और दशम भाव का संबंध बनाते हुए 90 डिग्री के कोण पर होते हैं, तो इसे केंद्र दृष्टि कहा जाता है। बुध और मंगल के इस संबंध को ऊर्जा और बुद्धि के मेल के तौर पर देखा जाता है।
ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार यह स्थिति व्यक्ति की निर्णय क्षमता, रणनीति और काम करने की गति को प्रभावित कर सकती है। इसी आधार पर चार राशियों के लिए आर्थिक और करियर से जुड़े लाभ बताए गए हैं।
मिथुन राशि: व्यापार में बड़ी डील के संकेत
मिथुन राशि के स्वामी बुध माने जाते हैं। बुध-मंगल की केंद्र दृष्टि से इस राशि के जातकों की कार्यशैली में बदलाव आने की बात कही गई है।
ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार बिजनेस, आईटी, मार्केटिंग और मीडिया से जुड़े लोगों को इसका लाभ मिल सकता है। रणनीति और निर्णय क्षमता के आधार पर बड़ी व्यावसायिक डील पूरी होने के संकेत बताए गए हैं। रुका हुआ पैसा मिलने से आर्थिक स्थिति मजबूत होने की भी बात कही गई है।
कन्या राशि: करियर में नई जिम्मेदारी
कन्या राशि का स्वामित्व भी बुध से जोड़ा जाता है। बुध और मंगल की यह कोणीय स्थिति करियर से जुड़े क्षेत्रों को प्रभावित करने वाली बताई गई है।
नौकरीपेशा लोगों को बड़ा प्रोजेक्ट या नेतृत्व की जिम्मेदारी मिल सकती है। वरिष्ठ अधिकारियों से प्रशंसा मिलने और प्रमोशन या वेतन वृद्धि के अवसर बनने की बात कही गई है। रियल एस्टेट और प्रॉपर्टी से जुड़े कारोबार में लाभ की संभावना भी बताई गई है।
वृश्चिक राशि: साहस के साथ सफलता
वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल माने जाते हैं। बुध के साथ मंगल का केंद्र संबंध साहस और योजना को एक दिशा देने वाला बताया गया है।
ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार नया काम शुरू करने की योजना बना रहे लोगों को सफलता मिल सकती है। पुराने निवेश या शेयर बाजार से आर्थिक लाभ मिलने की बात भी कही गई है। इस दौरान आत्मविश्वास बढ़ने और चुनौतियों का सामना करने में मदद मिलने के संकेत बताए गए हैं।
मकर राशि: वाहन और संपत्ति के योग
मकर राशि के लिए बुध-मंगल की यह स्थिति भाग्य और कर्म के बीच संतुलन बनाने वाली बताई गई है।
ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार इस राशि के जातकों के वाहन, मकान या जमीन खरीदने के सपने पूरे हो सकते हैं। विदेश व्यापार या दूर के स्थानों से जुड़े काम में लाभ मिलने की बात कही गई है। परिवार में लंबे समय से चल रहे वैचारिक मतभेद खत्म होने और माहौल बेहतर होने के संकेत भी बताए गए हैं।
बुध-मंगल की केंद्र दृष्टि के लिए बताए गए उपाय
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार बुध और मंगल की शुभता के लिए कुछ उपाय बताए गए हैं।
- बुधवार को भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करें और मोदक का भोग लगाएं।
- मंगलवार और गुरुवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें।
- “ॐ बुं बुधाय नमः” और “ॐ अं अंगारकाय नमः” मंत्र का जाप करें।


