बीजापुर एकलव्य स्कूल मामले पर CM विष्णु देव साय सख्त: कलेक्टर-SP को जांच के निर्देश, पूरे प्रदेश के छात्रावासों की सुरक्षा समीक्षा का आदेश

Bijapur Eklavya School Case CM Vishnu Deo Sai Directs Hostel Security Review

स्वतंत्र बोल

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रायपुर 14 सितंबर 2026. छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बीजापुर जिले के एकलव्य आवासीय विद्यालय में छात्राओं के साथ कथित दुर्व्यवहार की खबर पर संज्ञान लेते हुए जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को मामले की गंभीर जांच कर तुरंत कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को अपने क्षेत्रों के बालिका छात्रावासों व आवासीय विद्यालयों में सुरक्षा व्यवस्थाओं की तत्काल समीक्षा करने का आदेश दिया है। सीएम साय ने स्पष्ट किया कि बच्चों की सुरक्षा और गरिमा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और लापरवाही बरतने वाले किसी भी जिम्मेदार व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

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बीजापुर मामले में जांच और जवाबदेही तय करने का आदेश

मुख्यमंत्री साय ने बीजापुर प्रकरण में अधिकारियों को निर्देश दिया कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएं, उनके आधार पर बिना किसी विलंब के विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। उन्होंने साफ किया कि यदि किसी भी स्तर पर शिकायत की अनदेखी करने, उसे दबाने का प्रयास करने या कर्तव्य में लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित जिम्मेदारों की जवाबदेही तय कर उन पर कार्रवाई की जाएगी।

आवासीय विद्यालयों और छात्रावासों का नियमित निरीक्षण अनिवार्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि आवासीय विद्यालय और छात्रावास केवल अध्ययन के स्थान नहीं, बल्कि बच्चों के लिए घर की तरह हैं, जहां माता-पिता विश्वास के साथ अपने बच्चों को भेजते हैं। इस विश्वास की रक्षा करना शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिया कि बालिका छात्रावासों, आश्रमों और आवासीय विद्यालयों का नियमित निरीक्षण किया जाए। संस्थानों में अधीक्षकों व कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति, परिसर की सुरक्षा और शिकायत निवारण व्यवस्था की समीक्षा की जाए।

पूर्व-निगरानी और संवाद से घटनाओं को रोकने पर जोर

अधिकारियों को निर्देशित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों से जुड़ी शिकायतों में केवल घटना घटने के बाद कार्रवाई करने तक व्यवस्था सीमित नहीं रहनी चाहिए। नियमित निरीक्षण, सतत संवाद और प्रभावी निगरानी के माध्यम से ऐसी परिस्थितियों को पहले ही पहचानने और रोकने की व्यवस्था बनाई जाए। विद्यालय एवं छात्रावास प्रबंधन को स्पष्ट कर दिया जाए कि सुरक्षा के प्रति किसी भी तरह की उदासीनता को गंभीरता से लिया जाएगा।

पीड़ितों को काउंसलिंग और पुलिस-प्रशासन की त्वरित कार्रवाई

सीएम साय ने निर्देश दिए कि बालिकाओं के साथ दुर्व्यवहार, उत्पीड़न या उन्हें डराने-धमकाने की सूचना मिलने पर संबंधित विभाग और पुलिस प्रशासन आपसी समन्वय के साथ तत्काल कार्रवाई करें। आवश्यकता होने पर पीड़ित छात्राओं को काउंसलिंग और अन्य जरूरी सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि राज्य की बेटियां निर्भय होकर पढ़ें और आगे बढ़ें, इसके लिए सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना सभी की साझा जिम्मेदारी है।