अस्पताल पहुंचने से पहले गूंजी किलकारी! दौड़ती एम्बुलेंस बनी प्रसूति कक्ष, रास्ते में महिला ने दिया बच्चे को जन्म

स्वतंत्र बोल
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही 23 जून 2026: छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में 108 संजीवनी एम्बुलेंस ने एक बार फिर अपनी जीवनरक्षक भूमिका साबित की है। अस्पताल पहुंचने से पहले ही प्रसव पीड़ा असहनीय होने पर एम्बुलेंस स्टाफ की सूझबूझ और तत्परता से एक गर्भवती महिला का सुरक्षित प्रसव कराया गया। महिला ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। वर्तमान में जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं।

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जानकारी के अनुसार, ग्राम करजा निवासी 28 वर्षीय गोमती, पति संदीप को प्रसव पीड़ा होने पर जिला अस्पताल जीपीएम में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकीय जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि प्रसव प्रक्रिया में रुकावट आ रही है और स्थिति सामान्य नहीं है। वहीं अस्पताल में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं होने के कारण महिला को बेहतर उपचार के लिए सिम्स अस्पताल बिलासपुर रेफर कर दिया गया।

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परिजन तत्काल डायल-108 संजीवनी एम्बुलेंस से महिला को बिलासपुर लेकर रवाना हुए। सफर के दौरान जब एम्बुलेंस कोनी क्षेत्र के पास पहुंची, तब महिला की प्रसव पीड़ा अचानक बेहद तेज हो गई और स्थिति गंभीर हो गई। ऐसे में एम्बुलेंस में मौजूद ईएमटी चंद्रिका प्रसाद ने हालात की गंभीरता को समझते हुए तुरंत वाहन रुकवाया।

समय की नजाकत को देखते हुए ईएमटी चंद्रिका प्रसाद ने सहायक पायलट शिवशंकर पुरी और साथ मौजूद मितानिन के सहयोग से एम्बुलेंस के भीतर ही प्रसव कराने का निर्णय लिया। सीमित संसाधनों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद टीम ने पूरी कुशलता और सावधानी के साथ प्रसव प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया।

कुछ ही देर में एम्बुलेंस के भीतर नवजात की किलकारी गूंज उठी। गोमती ने एक स्वस्थ शिशु को जन्म दिया। सफल प्रसव के बाद संजीवनी 108 की टीम ने बिना किसी देरी के जच्चा और बच्चा दोनों को सिम्स अस्पताल बिलासपुर में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में दोनों की स्थिति सामान्य और सुरक्षित बताई जा रही है।

इस सराहनीय कार्य के लिए परिजनों ने 108 संजीवनी एम्बुलेंस के स्टाफ और मितानिन का आभार व्यक्त किया है। वहीं सोशल मीडिया पर भी लोग टीम की तत्परता, सेवा भावना और मानवता की मिसाल पेश करने वाले इस कार्य की जमकर प्रशंसा कर रहे हैं।