स्वतंत्र बोल
रायपुर 18 अप्रैल 2026: राजधानी रायपुर से एक ऐसी कार्रवाई सामने आई है, जिसने सत्ता के गलियारों में हलचल मचा दी है। लंबे समय से परदे के पीछे छिपाई जा रही करोड़ों की संपत्ति पर आखिरकार शिकंजा कस गया है और अब एक-एक राज खुलता नजर आ रहा है।
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भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ACB और EOW ने निलंबित IAS अधिकारी समीर विश्नोई की करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्तियों को अटैच कर लिया है। जानकारी के मुताबिक, समीर विश्नोई और उनकी पत्नी प्रीति विश्नोई के नाम पर करीब 15 से 20 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की गई हैं।
जांच में जो खुलासा हुआ, वह और भी चौंकाने वाला है। बताया जा रहा है कि इन संपत्तियों को सीधे तौर पर अपने नाम पर न रखकर 3 से 4 फर्मों के जरिए खरीदा गया था, ताकि अवैध लेन-देन को छिपाया जा सके। ACB/EOW की जांच में यह भी सामने आया कि इन संपत्तियों की खरीद में आय से अधिक धन का इस्तेमाल किया गया।
जब्त की गई संपत्तियों में महासमुंद में फैली 22 एकड़ जमीन, नया रायपुर की बेशकीमती जमीन और गायत्री नगर स्थित मकान समेत कई अन्य संपत्तियां शामिल हैं। इनमें से ज्यादातर निवेश पत्नी और रिश्तेदारों के नाम पर किए गए थे, जिससे शक और गहरा हो गया।
इस पूरे मामले की जड़ें उस बहुचर्चित कोयला घोटाले से भी जुड़ती नजर आ रही हैं, जिसने पहले ही प्रदेश की राजनीति को हिला कर रख दिया था। आरोप है कि उस समय ऑनलाइन सिस्टम को ऑफलाइन में बदलकर बड़े स्तर पर घोटाले को अंजाम दिया गया, जिसमें समीर विश्नोई की भूमिका सामने आई थी।
सूत्रों के अनुसार, ACB/EOW ने पहले ही इन संपत्तियों को सीज करने के लिए विशेष न्यायालय से अनुमति मांगी थी। कोर्ट से हरी झंडी मिलते ही यह बड़ी कार्रवाई की गई और करोड़ों की संपत्तियां जब्त कर ली गईं।
अब जांच एजेंसियां इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही हैं कि आखिर इस अवैध नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है। यह मामला सिर्फ एक अधिकारी तक सीमित नहीं रह सकता—ऐसे संकेत भी मिल रहे हैं।
यह कार्रवाई साफ इशारा है कि अब छुपाई गई संपत्तियां ज्यादा दिन तक सुरक्षित नहीं रह सकतीं और किसी भी वक्त पर्दा उठ सकता है।
