चेन्नई: तमिलनाडु की राजनीति में इस वक्त जिस नाम की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, वो है 29 साल की एस. कीर्तना। अभिनेता से मुख्यमंत्री बने थलापति विजय ने अपनी पहली कैबिनेट में जिस युवा चेहरे पर सबसे बड़ा भरोसा जताया, वह कोई दिग्गज नेता नहीं बल्कि पहली बार चुनाव जीतकर आईं एस. कीर्तना हैं।
10 मई 2026 को तमिलनाडु के राजनीतिक इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ा, जब सी. जोसेफ विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। लेकिन इसी मंच पर एक और चेहरा ऐसा था जिसने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। वह थीं एस. कीर्तना—विजय सरकार की सबसे कम उम्र की और इकलौती महिला मंत्री।
जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में हुए भव्य शपथ ग्रहण समारोह में जब कीर्तना ने मंत्री पद की शपथ ली, तो कई लोगों के लिए यह सिर्फ एक राजनीतिक नियुक्ति नहीं बल्कि तमिलनाडु की राजनीति में पीढ़ी परिवर्तन का संकेत था।
शिवकाशी सीट से चुनाव जीतकर आईं कीर्तना ने करीब 70 साल पुरानी पुरुष वर्चस्व वाली राजनीति को तोड़ दिया। उन्हें शिवकाशी की पहली महिला विधायक बनने का गौरव मिला। यही वजह है कि अब उन्हें “तमिलनाडु की नई राजनीतिक सनसनी” कहा जा रहा है।
1996 में विरुधुनगर जिले में जन्मीं कीर्तना ने तमिल माध्यम के सरकारी स्कूल से पढ़ाई की। बाद में उन्होंने गणित में ग्रेजुएशन और सांख्यिकी में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। राजनीति में आने से पहले वह डिजिटल कैंपेन और चुनावी रणनीति की दुनिया में काम कर चुकी थीं।
बताया जाता है कि टीवीके के शुरुआती दौर में उन्होंने पर्दे के पीछे रहकर युवाओं को जोड़ने, सोशल मीडिया नेटवर्क मजबूत करने और डिजिटल रणनीति बनाने में बड़ी भूमिका निभाई। उनकी इसी क्षमता ने विजय का भरोसा जीत लिया।
चुनाव में उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार को 11 हजार से ज्यादा वोटों से हराया। पहली बार चुनाव लड़ने के बावजूद उन्होंने 68 हजार से ज्यादा वोट हासिल किए। दिलचस्प बात यह है कि उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं है और चुनावी हलफनामे के अनुसार उनकी कुल संपत्ति करीब 22 लाख रुपये बताई गई है।
लेकिन कीर्तना को सबसे ज्यादा चर्चा में लाया उनका हिंदी बोलना। तमिलनाडु जैसे राज्य में, जहां हिंदी को लेकर राजनीति बेहद संवेदनशील रही है, वहां कीर्तना ने खुलकर हिंदी में इंटरव्यू दिए और कहा कि वह चाहती हैं कि विजय की सोच पूरे भारत और दुनिया तक पहुंचे।
उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। कई लोगों ने इसे “नई सोच वाली राजनीति” बताया, तो कुछ ने इसे तमिल राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत माना।
कीर्तना ने साफ कहा कि राजनीति से डरना नहीं चाहिए और युवाओं को आगे आना चाहिए। उनका मानना है कि भाषा लोगों को जोड़ने का माध्यम है, बांटने का नहीं।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि विजय ने कीर्तना को मंत्री बनाकर बड़ा संदेश दिया है। वह सिर्फ युवा चेहरा नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया और नई पीढ़ी की राजनीति का प्रतीक मानी जा रही हैं।
तमिलनाडु में दशकों से DMK और AIADMK की राजनीति चलती रही, लेकिन 2026 चुनाव में टीवीके ने 108 सीटें जीतकर पूरा समीकरण बदल दिया। अब कीर्तना जैसे युवा चेहरे विजय सरकार की पहचान बनते जा रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल अब यही है कि क्या एस. कीर्तना आने वाले समय में तमिलनाडु की अगली बड़ी महिला नेता बनेंगी? क्योंकि जिस तेजी से वह राजनीति में उभरी हैं, उसने पुराने दिग्गजों की बेचैनी बढ़ा दी है।


