स्वतंत्र बोल
रायपुर 5 नवंबर 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबके लिए आवास’ के संकल्प और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार की प्रतिबद्धता से प्रदेश के शहरी जरूरतमंद परिवारों के पक्के घर का सपना साकार होने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ा है। दीपावली के अवसर पर भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के लाभार्थी आधारित निर्माण (बीएलसी) घटक के अंतर्गत 4670 नए आवासों की स्वीकृति प्रदान की है। प्रदेश के 27 जिलों के 84 नगरीय निकायों में यह मंजूरी मिली है।
बीएलसी में 60,623 और एएचपी में 15,463 आवास स्वीकृत
इस नवीन स्वीकृति से पहले भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के लाभार्थी आधारित निर्माण (बीएलसी) घटक के तहत 55,953 हितग्राहियों तथा भागीदारी में किफायती आवास (एएचपी) घटक के तहत 15,463 हितग्राहियों के आवास स्वीकृत किए जा चुके थे। इस प्रकार दोनों घटकों में पहले कुल 71,416 आवासों को मंजूरी मिल चुकी थी।
अब 4,670 नए आवासों की स्वीकृति के साथ बीएलसी घटक में स्वीकृत आवासों की संख्या बढ़कर 60,623 हो गई है। एएचपी घटक के 15,463 आवासों को मिलाकर प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के इन दोनों घटकों के तहत अब तक कुल 76,086 हितग्राहियों के आवासों को भारत सरकार की मंजूरी मिल चुकी है।
हर पात्र परिवार को पक्का आवास दिलाने के लिए प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नए आवासों की स्वीकृति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी नए लाभार्थी परिवारों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि 4,670 नए आवासों की स्वीकृति से हजारों शहरी गरीब परिवारों के पक्के घर का सपना पूरा होगा। राज्य सरकार हर पात्र परिवार को पक्का आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आवास की स्वीकृति केवल मकान निर्माण का अवसर नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की दिशा में बढ़ता कदम है।
हर शहरी गरीब को मिले अपना घर: डिप्टी सीएम अरुण साव
उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने इस स्वीकृति को नगरीय विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए हितग्राही परिवारों को बधाई दी। उन्होंने संबंधित 84 नगरीय निकायों के अधिकारियों को हितग्राहियों के आवास निर्माण में हर संभव सहयोग प्रदान करने और कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के हर शहरी गरीब को अपना घर मिले, यही राज्य सरकार का प्रमुख लक्ष्य है।


