स्वतंत्र बोल
रायपुर 4 नवंबर 2026: करीब 6 हजार करोड़ रुपये के महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप घोटाले के मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की टीम रायपुर की विशेष अदालत लेकर पहुंच गई है। उसे विशेष न्यायाधीश मनोज कुमार सिंह ठाकुर की कोर्ट में पेश किया जा रहा है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अदालत परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और कोर्ट रूम के बाहर पुलिस का कड़ा पहरा लगाया गया है। जांच एजेंसी सीबीआई उससे सट्टा नेटवर्क के संचालन को लेकर कस्टोडियल रिमांड मांगने की तैयारी में है।
ओमान से प्रत्यर्पण के बाद फ्लाइट से लाया गया रायपुर
सौरभ चंद्राकर को ओमान से प्रत्यर्पण प्रक्रिया पूरी होने के बाद भारत लाया गया है। इससे पहले सोमवार को उसे दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया था, जहां अदालत ने सीबीआई को दो दिन की ट्रांजिट रिमांड सौंपी थी। इसके बाद मंगलवार को सीबीआई की टीम उसे दिल्ली से फ्लाइट E6 2307 के जरिए रायपुर लेकर पहुंची। रायपुर पहुंचने पर उसे माना स्थित सीबीआई के कैंप कार्यालय में रखा गया था। ट्रांजिट रिमांड की अवधि समाप्त होने पर अब उसे रायपुर की विशेष अदालत में दाखिल किया गया है।
13 मामलों की जांच कर रही है सीबीआई, ईडी का भी कसता शिकंजा
छत्तीसगढ़ सरकार ने महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप घोटाले से जुड़ी 13 एफआईआर की जांच सीबीआई को सौंपी थी। इनमें से दो मामलों में जांच एजेंसी अदालत में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। जांच एजेंसियां सट्टा नेटवर्क, बेनामी बैंक खातों और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन के तमाम पहलुओं की जांच कर रही हैं। इसके साथ ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी मनी लॉन्ड्रिंग के तहत मामले की जांच कर रहा है और सौरभ चंद्राकर के खिलाफ अभियोजन शिकायत दर्ज करा चुका है। सीबीआई को रिमांड मिलने के बाद इस सट्टा नेटवर्क से जुड़े अन्य प्रमुख लोगों और पैसों की हेरफेर को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आने की उम्मीद है।


