सुप्रीम कोर्ट में 3 नए जजों की एंट्री, महिला जजों की संख्या भी बढ़ी; अब कितनी हुई?

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स्वतंत्र बोल
नई दिल्ली 7 अक्टूबर 2026:
 सुप्रीम कोर्ट को मंगलवार, 6 अक्टूबर को तीन नए जज मिले। जस्टिस सुनीता अग्रवाल, जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस अपारेश कुमार सिंह ने ईश्वर के नाम की शपथ ली। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत ने तीनों जजों को शपथ दिलाई। तीनों के शामिल होने के बाद सुप्रीम कोर्ट में जजों की मौजूदा संख्या 37 हो गई है। इनमें तीन महिला जज हैं। शपथ ग्रहण समारोह में सुप्रीम कोर्ट के जजों के अलावा अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और अन्य वरिष्ठ वकील मौजूद रहे।

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कौन हैं तीन नए जज?

जस्टिस सुनीता अग्रवाल गुजरात हाई कोर्ट की जज रह चुकी हैं। जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय दिल्ली हाई कोर्ट के जज रह चुके हैं। वहीं जस्टिस अपारेश कुमार सिंह तेलंगाना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रह चुके हैं। तीनों की नियुक्ति के बाद सुप्रीम कोर्ट में जजों की मौजूदा संख्या 37 हो गई है। एक पद अभी भी खाली है।

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सुप्रीम कोर्ट में अब तीन महिला जज

जस्टिस सुनीता अग्रवाल सुप्रीम कोर्ट की 13वीं महिला जज हैं। उनके शपथ लेने के बाद शीर्ष अदालत में महिला जजों की संख्या तीन हो गई है। जस्टिस सुनीता अग्रवाल के अलावा सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस वी. मोहना महिला जज हैं। जस्टिस बी.वी. नागरत्ना अगले साल 24 सितंबर को देश की पहली महिला CJI बनने वाली हैं। इससे पहले जस्टिस एन.वी. रमना के कार्यकाल के दौरान सुप्रीम कोर्ट में एक साथ सबसे ज्यादा चार महिला जज थीं। उस समय जस्टिस इंदिरा बनर्जी, जस्टिस बी.वी. नागरत्ना, जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस बेला एम. त्रिवेदी सुप्रीम कोर्ट में थीं। इनमें से आखिरी तीन महिला जजों ने 31 अगस्त 2021 को शपथ ली थी। जस्टिस रमना की अगुवाई वाले कॉलेजियम ने तीन महिला जजों की नियुक्ति की सिफारिश की थी। वहीं CJI सूर्य कांत की अगुवाई वाले मौजूदा कॉलेजियम ने अब तक दो महिला जजों की नियुक्ति की है।

1989 में सुप्रीम कोर्ट को मिली पहली महिला जज

सुप्रीम कोर्ट की स्थापना के 39 साल बाद 6 अक्टूबर 1989 को जस्टिस एम. फातिमा बीवी ने शपथ ली थी। वह देश की सर्वोच्च अदालत की पहली महिला जज बनी थीं। जस्टिस फातिमा बीवी 29 अप्रैल 1989 को केरल हाई कोर्ट से रिटायर हुई थीं। इसके करीब पांच महीने बाद उन्हें सुप्रीम कोर्ट में प्रमोट किया गया। सुप्रीम कोर्ट की अन्य महिला जजों में जस्टिस सुजाता वी. मनोहर, रूमा पाल, ज्ञान सुधा मिश्रा, रंजना पी. देसाई, आर. भानुमति और इंदु मल्होत्रा शामिल थीं।

सुप्रीम कोर्ट में जजों की मंजूर संख्या 38

सुप्रीम कोर्ट में CJI समेत जजों की मंजूर संख्या 38 है। शुरुआत में 16 मई को एक ऑर्डिनेंस के जरिए यह संख्या 34 से बढ़ाकर 38 की गई थी। इसके बाद संसद ने संबंधित अमेंडमेंट एक्ट पास किया। इसे 11 अगस्त को राष्ट्रपति की मंजूरी मिली। तीन नए जजों के शपथ लेने के बाद मौजूदा समय में सुप्रीम कोर्ट में 37 जज हैं। एक पद अभी भी खाली है। इससे पहले अगस्त 2019 में CJI रंजन गोगोई के कार्यकाल के दौरान CJI समेत सुप्रीम कोर्ट के जजों की मंजूर संख्या 31 से बढ़ाकर 34 की गई थी।