स्वतंत्र लोक
रायपुर 22 सितम्बर 2026 : विशेष PMLA कोर्ट में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने EaseMyTrip के को-फाउंडर निशांत पिट्टी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। ED का आरोप है कि महादेव ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क से जुड़ी अपराध की रकम को विदेशी पोर्टफोलियो निवेश के जरिए भारतीय शेयर बाजार में लगाने में पिट्टी ने मदद की। जांच एजेंसी ने पिट्टी के 59.60 करोड़ रुपये के डीमैट शेयर भी अस्थायी रूप से अटैच किए हैं। ED ने इन शेयरों को ‘प्रोसीड्स ऑफ क्राइम’ बताते हुए कोर्ट से जब्ती की अनुमति मांगी है। चार्जशीट 10 सितंबर को विशेष PMLA कोर्ट में दाखिल की गई थी।
चार्जशीट में 42 लोगों और कंपनियों के नाम
ED के मुताबिक यह पांचवीं सप्लीमेंट्री चार्जशीट है, जिसमें 42 लोगों और कंपनियों के नाम शामिल हैं। इनमें EBIX ग्रुप के चेयरमैन विकास गर्ग का नाम भी है। गर्ग को जुलाई में दिल्ली स्थित उनके घर पर छापेमारी के बाद गिरफ्तार किया गया था और वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
ED का आरोप है कि पिट्टी महादेव बेटिंग मामले से जुड़े दुबई निवासी हरिशंकर टिबरेवाल के करीबी सहयोगी थे। टिबरेवाल को एजेंसी ने Skyexchange नाम के अवैध बेटिंग प्लेटफॉर्म का मालिक बताया है। जांच एजेंसी के अनुसार, पिट्टी ने अपराध की रकम को अलग-अलग स्तरों पर घुमाने यानी लेयरिंग में मदद की।
शेयर बाजार में रकम लगाने का आरोप
जांच एजेंसी का आरोप है कि अवैध बेटिंग से हासिल रकम को विदेशी पोर्टफोलियो निवेश के रूप में भारतीय इक्विटी बाजार में लाया गया। ED के मुताबिक पिट्टी ने Easy Trip Planners Ltd के प्रमोटरों की ओर से टिबरेवाल के सहयोगी के साथ पहले से तय शेयर सौदे में भूमिका निभाई। एजेंसी का आरोप है कि इससे कंपनी के शेयर भाव और बाजार पूंजीकरण को कृत्रिम तरीके से बढ़ाने में मदद मिली।
इसी मामले में ED ने पिट्टी के 59.60 करोड़ रुपये के डीमैट शेयर प्रोविजनल तौर पर अटैच किए हैं। एजेंसी ने कोर्ट से इन शेयरों को जब्त करने की अनुमति मांगी है।
पिट्टी से तीन बार पूछताछ
ED ने पिट्टी से इस मामले में तीन बार पूछताछ की है। एजेंसी ने अप्रैल 2025 में उनसे जुड़े परिसरों पर तलाशी भी ली थी। पिट्टी ने पूछताछ के दौरान किसी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध से इनकार किया था। EaseMyTrip ने भी पहले महादेव बेटिंग एप या किसी अन्य बेटिंग प्लेटफॉर्म से सीधे या अप्रत्यक्ष संबंध से इनकार किया था।
पिट्टी ने अब कहा है कि उन्हें चार्जशीट दाखिल होने या संबंधित कोर्ट से किसी समन की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि वह जांच एजेंसियों के साथ सहयोग करते रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। उनका कहना है कि उनके सभी लेन-देन कानून के मुताबिक हैं और उनकी संपत्तियां वैध आय से हासिल हुई हैं। उन्होंने आरोपों को अदालत में चुनौती देने की बात कही है।


